प्रॉपर्टी करोबारी की दिन-दहाड़े 9 गोली मारकर हत्या, प्लानिंग में पुलिस भी शामिल

प्रॉपर्टी करोबारी की दिन-दहाड़े 9 गोली मारकर हत्या, प्लानिंग में पुलिस भी शामिल

Gaurav Sen | Updated: 11 Jul 2019, 11:40:55 AM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

बीच सडक़ पर खूनी खेल...अभिषेक तोमर की हत्या में पंकज का आया था नाम..............

ग्वालियर. प्रॉपर्टी कारोबारी पंकज सिकरवार की बीच सडक़ पर हत्या करने में जो नाम गिनाए गए हैं, उनसे पंकज की दुश्मनी केवल के धंधे में गोली चलने से ठनी थी। बुधवार को दिनदहाड़े पंकज की हत्या के पीछे केवल के धंधे में पनपे बैर के अलावा 16 महीने पहले केवल कारोबारी अभिषेक तोमर की हत्या को भी वजह बताया जा रहा है। 20 फरवरी अभिषेक तोमर की हत्या की गई थी। अभिषेक की शोहरत हजीरा के कुख्यात गुंडे परमाल तोमर के जिगरी दोस्त की थी। पंकज का नाम उसकी हत्या करने वाले शूटर्स की फंडिंग में सामने आया था हालांकि जांच के बाद पुलिस ने पंकज को राहत दे दी थी।

उधर पंकज के परिजन का कहना है अभिषेक की हत्या में भी परमाल, रमन और संजय ने पंकज को झूठा फंसाने की कोशिश की थी क्योंकि रमन चौहान और संजय तोमर केवल का धंधा करते हैं। दोनों लंबे अर्से से फिराक में हैं कि पंकज अपना केवल का कारोबार उन्हें थमा दे। गुंडे परमाल और रमन में गहरी दोस्ती है। इसलिए परमाल भी पंकज से दुश्मनी रखा है। इन लोगों की तमाम कोशिश के बाद पंकज दबाव में नहीं आया तो उसकी हत्या कर दी।

Breaking : दिनदहाड़े प्रॉपर्टी कारोबारी पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां, मौके पर ही मौत

 

दुश्मनी की एक कहानी यह भी
लोगों ने बताया पंकज और परमाल के बीच दुश्मनी करीब ढाई तीन साल पहले मनोज राजपूत को लेकर ठनी है। मनोज भी केवल कारोबारी और दोनों का दोस्त थे। धंधे को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। इसके अलावा दुश्मनी के पीछे करीब 4 साल पहले काला महल निवासी राजू भदौरिया के बेटे की हत्या भी है। राजू और पकंज में गहरी दोस्ती है। राजू के मोहल्ले में रंगबाजी के दौरान परमाल, अभिषेक तोमर, मनीष कोली, दीपक जाट ने गोलियां चलाई थीं। फायरिंग राजू भदोरिया के बेटे सूरज (17) को लगने से उसकी मौत हुई थी। दोस्त के बेटे की हत्या करने वालों को सजा दिलाने में पंकज उसकी मदद कर रहा था।

कई दिनों से रैकी, ग्राहक बनकर आए हत्यारे
हत्यारे कई दिन से पंकज की रैकी कर रहे थे। मंगलवार रात को पंकज इंदौर से साले की शादी में से लौटा था। सुबह दुश्मनों ने उसकी हत्या को अंजाम दे दिया। आशंका है कि पंकज को ऑफिस से बाहर निकालने के लिए भी हत्यारों ने ही ग्राहक बनकर फोन किया था। जिस नंबर से पंकज के मोबाइल पर कॉल आया था उसका भी पता लगाया जा रहा है।

 

man murder in day light for revenge

भाई हुआ बेहोश
पंकज की मौत की खबर से छोटा भाई भूरा उर्फ ओमकार के अंासू थम नहीं रहे थे। पोस्टमार्टम हाउस पर चीख-चीखकर भैया पुकारकर रोए जा रहा था पीएम के बाद शव आया तो भूरा बेहोश हो गया।

9 गोलियां मारीं, पांच पेट और छाती में धंसी
हत्या स्थल वैष्णोपुरम रोड पर सीसीटीवी लगे हैं। फुटेज में दिख रहा है दो हत्यारे सडक़ के दोनों तरफ पहले से पंकज का इंतजार में करीब डेढ़ मिनट से घात लगाकर खड़े थे जब बाइक से पंकज आता दिखा तो हत्यारों ने एक दूसरे को इशारा किया, उसके पास आने तक पिस्टल कॉक की। पंकज के पास आते ही उसे बाइक से खींच कर सडक़ पर पटक लिया। फिर उठने का मौका नहीं दिया 12 सेकंड में उस पर 9 फायर ठोके। इसमें पांच गोलियां उसके पेट, छाती, थोढ़ी और गर्दन में धंसी जबकि चार गोलियां जमीन में धंस गईं।

हत्यारों में पेशेवर शूटर शामिल, ओरछा में बनी थी प्लानिंग
पंकज के परिजन का कहना है कि उसकी हत्या करने वालों में दतिया का पेशेवर शूटर अनिल यादव भी शामिल है। उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि पंकज की हत्या का प्लान कुछ महीने पहले ओरछा में एक शादी में बना था। इसमें गुंडा परमाल तोमर, रमन चौहान, संजय तोमर के अलावा एक कांग्रेस नेता शामिल थे। यहां साजिश तैयार होने के बाद इन लोगों ने दतिया के पेशेवर शूटर अनिल यादव से संपर्क किया था। उससे मुलाकात कराने के लिए भिण्ड में पदस्थ एसआई अपनी काली कार से सभी लोगों को दतिया ले गया था। परिजन का कहना है कि हत्यारों की साजिश की पूरी जानकारी दो महीने पहले पुलिस अधिकारियों को दे चुकी हैं।

तीनों बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
दोस्तों और रिश्तेदारों का कहना था पंकज बहुत ही व्यवहारकुशल था। उसकी पत्नी के अलावा दो बेटी मुस्कान (14) और एंजिल (10) और एक बेटा देवू (5) है। मां से ज्यादा तीनों बच्चे पंकज से घुले मिले हुए थे। जब भी पंकज घर लौटता बच्चों के लिए कुछ न कुछ लेकर आता था। इसलिए बच्चे रोजाना पिता की राह देखा करते थे। पिता की मौत से बड़ी बेटी के आंसू थम नहीं रहे थे। बहन को रोता देखकर एंजिल और देवू सहमे हुए थे। वह सुबक-सुबक कर रो रहे थे।

 

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यह लगाए आरोप

  • 3 अप्रेल को आईजी ऑफिस में शिकायत की थी पंकज और उनके परिवार से अपराधी परमाल तोमर, उसका दोस्त रमन चौहान, संजय तोमर दुश्मनी रखते हैं। यह लोग पंकज और उसके परिवार के खिलाफ वारदात की प्लानिंग में हैं। इसके अलावा एसपी ऑफिस में भी शिकायत कर चुके हैं।
  • आवेदन में कांग्रेस नेता और भिण्ड में पदस्थ एसआई पर भी इन लोगों को संरक्षण दे रहे हैं।
  • अपराधी परमाल और उसके साथियों ने इससे पहले प्लानिंग से पंकज का नाम अभिषेक तोमर हत्याकांड में जुडवा था। पुलिस जांच में मामला झूठा निकला तो अब अपराधी उस पर फिर दवाब बना रहे थे, इसकी जानकारी भी पुलिस को बताई थी।
  • तमाम शिकायत के बावजूद पुलिस ने रमन चौहान को सुरक्षा मुहैया कराई लेकिन पंकज और उसके परिवार की बात नहीं सुनी। बल्कि पकंज को बाउंड ओवर कराया गया।

पीछे से आए और गोली मार दी
मैं धर्मकांटे पर था, मुझे पंकज ने फोन करके कहा कि साइड पर चलना है मुझे छोड़ देना। कुछ मिनट बाद मैं बाइक लेकर पहुंच गया। पंकज बाइक पर पीछे बैठ गया मैं बाइक चलाकर ले जा रहा था। कुछ दूर पहुंचे तभी पीछे से हमलावरों ने गोली चला दी। गोली लगते ही पंकज गिर पड़ा। हमलावर गोली मारने के बाद भाग गए।
जैसा कि चश्मदीद राजू ठेकेदार ने पत्रिका को बताया

आरोपियों पर हत्या का केस
हत्या में परमाल तोमर, रमन चौहान, राघवेन्द्र तोमर, संजय तोमर सहित अन्य तीन चार लोगों पर पंकज की हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपियों को तलाशा जा रहा है। उनके पकड़े जाने पर हत्या की वजह सामने आएगी।
आलोक परिहार , हजीरा टीआई

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