दस मिलियन डालर से मैन्युफैक्चरर और रिटेलर का प्लेटफॉर्म होगा बूस्ट

सिकोइया कैपिटल इंडिया और मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया ने किया शहर के चैतन्य राठी और शुभम अग्रवाल के स्टार्टअप पर निवेश

By: Mahesh Gupta

Published: 27 Jul 2020, 11:49 PM IST

ग्वालियर.
चीन से खराब हुए रिश्ते के बाद देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। देश के प्रधानमंत्री को युवाओं से काफी उम्मीदें हैं। वह उम्मीद कर रहे हैं कि अधिक से अधिक स्टार्टअप शुरू किए जाएं, ताकि हम किसी पर डिपेंड न रहें। इसी सोच को साकार कर रहे हैं शहर के चैतन्य राठी और शुभम अग्रवाल। उन्होंने अपना स्टार्टअप 'बिजनसÓ 2015 में शुरू किया। यह शूज की दुनिया में रिटेलर और मैन्युफैक्चरर के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसमें हाल ही में सिकोइया कैपिटल इंडिया और मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया ने 10 मिलियन डालर का निवेश किया है। यह उनका आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता हुआ कदम है। चैतन्य और शुभम का कहना है कि हमारी सोच यही तक सीमित नहीं है। अभी तक हम 'बिजनसÓ में केवल शू का वर्क कर रहे थे, लेकिन अब गारमेंट्स को भी साथ लेकर आएंगे।

अब शू के साथ क्लॉथ के बिजनेस को भी जोड़ेंगे
सराफा बाजार में रहने वाले चैतन्य राठी और गुब्बारा पाठक निवासी शुभम अग्रवाल ने अपने दोस्त आगरा से सिद्धार्थ विज और लखनऊ से सिद्धार्थ रस्तोगी के साथ शुरू किया। चैतन्य और शुभम ने का फैमिली बैकग्राउंड बिजनेस से जुड़ा था। इसलिए उन्होंने भी बिजनेस प्लान किया। उस समय उन्होंने देखा कि मैन्युफैक्चरर और रिटेलर के बीच कोई ऐसा प्लेटफॉर्म नहीं था, जिससे रिटेलर को आसानी हो सके। इस पर उन्होंने बिजनस (शू कनेक्ट) की शुरुआत की। अभी तक हमारे साथ 400 मैन्युफैक्चरर और 60 हजार रिटेलर के साथ काम कर रहे थे, लेकिन इस निवेश के बाद गोल साढ़े 7 लाख रिटेलर और 2000 मैन्युफैक्चरर तक पहुंचने का है। कपड़े में 2 साल 20 लाख रिटेलर और 4 हजार मैन्युफेक्चरर जोडऩे का प्लान है।

कोविड-19 का हमें मिलेगा फायदा
चैतन्य और शुभम ने बताया कि इस कोरोना काल में हम पर लॉकडाउन पीरियड में तो फर्क पड़ा, लेकिन उसके बाद नहीं। अनलॉक होते ही रिटेलर ने लेन देन शुरू कर दिया। कोविड-19 के बाद हमारे इस स्टार्टअप का फायदा सबसे अधिक बिजनेसमैन को मिलेगा। क्योंकि वे कोविड-19 के कारण बाहर जाने से बचेंगे और वह ऑनलाइन ही बल्क में माल परचेज करना चाहेंगे। यह सुविधा हम उन्हें प्रोवाइड कराएंगे।

अपने अंदर कभी निगेटिविटी नहीं आने दी
चैतन्य ने बताया कि जब हमने स्टार्टअप शुरू किया, तब डिमोलाइज करने वाले लोग ज्यादा मिले। लेकिन हमने अपने अंदर निगेटिविटी नहीं आने दी और ऐसे ऑनलाइन प्लेफॉर्म बिजनस की शुुरुआत की, जिसमें रिटेलर और मैन्युफैक्चरर जुड़े। हमारा यह प्लेटफॉर्म आगे बढ़ता ही जाएगा। समय के साथ हम मार्केट का सर्वे कर चीजें जोड़ते जाएंगे।

Mahesh Gupta
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