कई छात्र परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित, जानिए क्या है कारण

परेशान होकर 100 से अधिक छात्र विश्वविद्यालय अधिकारियों से मिलने का प्रयास करते रहे। फॉर्म भरने से वंचित रहे छात्रों ने तिथि आगे बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कुलसचिव ने साफ मना कर दिया

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में कई छात्र परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गए हैं। मंगलवार को अंतिम तारीख थी, लेकिन कई छात्रों का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने से वह फॉर्म नहीं भर सके। परेशान होकर 100 से अधिक छात्र विश्वविद्यालय अधिकारियों से मिलने का प्रयास करते रहे। फॉर्म भरने से वंचित रहे छात्रों ने तिथि आगे बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कुलसचिव ने साफ मना कर दिया।

विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ लापरवाही बंद नहीं हो रही है। जबकि परीक्षाएं समय पर न होने और परिणामों में कमियां सामने आने पर छात्रों ने 7 महीने में 15 से अधिक बार आंदोलन किए हैं। इस दौरान तीन बार छात्र संगठन के प्रतिनिधियों पर एफआइआर भी हुई। चार बार कार्य परिषद सदस्यों ने भी परिणाम और परीक्षाओं के समय में सुधार के लिए सख्त चेतावनी दी है, इसके बावजूद विश्वविद्यालय के अधिकारी न तो परीक्षाएं समय पर करा सके हैं, न ही छात्रों की अंकसूची आदि में सुधार की प्रक्रिया ठीक कर सके हैं।

स्थिति यह है कि छात्र-छात्राओं को फॉर्म भरने के लिए डाटा ओपन नहीं हो रहा था, इससे हजारों छात्र परीक्षा फॉर्म भरने से रह गए थे। इसके बाद जेयू ने आवेदन भरने की अंतिम तिथि 25 फरवरी तय की थी, लेकिन बहुत से परीक्षार्थी अभी भी डेटा नहीं मिलने से फॉर्म नहीं भर पाए हैं।

विदहेल्ड रिजल्ट क्लीयर कराने प्राचार्यों को पत्र
कुलसचिव ने जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को छात्रों के विदहेल्ड रिजल्ट क्लीयर कराने के लिए पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि छात्रों से संबंधित जानकारी परीक्षा चार्ट में कॉलेज से आती है, यह जानकारी अपुष्ट या अपूर्ण होने पर परिणाम विदहेल्ड होते हैं। अब जिस कॉलेज के छात्र विदहेल्ड होंगे उसके प्राचार्य कॉलेज के प्रतिनिधि को भेजकर छात्र की समस्या हल कराएंगे।


अनाधिकृत व्यक्ति को न दी जाए अंकसूची
छात्रों द्वारा अंकसूची में अंक, नाम, जन्मतिथि सहित अन्य सुधार के लिए सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की जा रही है। इनके हेल्पलाइन प्रभारी और सहायक कुलसचिव अमित सिसोदिया ने गलत तरीके से उत्तर दिए थे। इससे छात्रों की परेशानी बढ़ी और यूनिवर्सिटी की भी किरकिरी हुई थी। इस मामले में कुलसचिव ने सहायक कुलसचिव अमित सिसोदिया को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक सीएम हेल्पलाइन एआर द्वारा डाउनलोड कराई जाएंगी। इसके बाद सभी शाखा प्रभारियों को भेजी जाएंगी। शिकायत को फोर्स क्लोज नहीं किया जाएगा, बल्कि शिकायतकर्ता द्वारा सहमति जताने के बाद ही बंद की जाएगी। साथ ही अब किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को छात्र की अंकसूची नहीं दी जाएगी। शिकायत का निराकरण होने के बाद पहले एल-1 या एल-2 को सूचना दी जाएगी, इसके बाद संबंधित शिकायतकर्ता को सूचना दी जाएगी।


निर्देश दिए हैं
-छात्रों की शिकायत से संबंधित सभी सीएम हेल्पलाइन का निराकरण करने के लिए सहायक कुलसचिव को निर्देश दिए हैं। विदहेल्ड छात्रों के प्रकरण का निराकरण करने के लिए कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं। कॉलेज का प्रतिनिधि आकर समस्या का समाधान कराएगा। अनाधिकृत व्यक्ति को अंकसूची नहीं दी जाएगी।
डॉ.आइके मंसूरी, कुलसचिव जीवाजी विश्वविद्यालय

Rahul rai Desk
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