बड़ी खबर : अवैध खनन रोकने गए अमले पर फायरिंग,डिप्टी रेंजर और सुरक्षा गार्ड को लगी गोली

बड़ी खबर : अवैध खनन रोकने गए अमले पर फायरिंग,डिप्टी रेंजर और सुरक्षा गार्ड को लगी गोली

monu sahu

September, 1302:08 PM

Gwalior, Madhya Pradesh, India

ग्वालियर। बेकाबू माफिया ने अवैध उत्खनन रोकने आए वन अमले को घेर कर फायरिंग कर दी। हमले में एक डिप्टी रेंजर और सुरक्षा गार्ड को गोलियां लगी हैं। दोनों को गंभीर हाल में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुधवार को यह घटना तिघरा के छिकरी के जंगलों में लखनपुरा चौकी के पास हुई। दबिश के लिए वन अमले ने पुलिस टीम मांगी थी, लेकिन बल की कमी बताकर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया था। हमले की बढ़ती घटनाओं से वनकर्मियों में दहशत है। वारदात के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त सुरक्षा के बगैर अफसर उन्हें कार्रवाई के लिए भेजते हैं।

 

एसडीओ घाटीगांव एके त्रिपाठी ने बताया कि लखनपुरा चौकी के पास पत्थर माफिया के अवैध उत्खन्न की जानकारी मिली थी। उन्हें घेरने के लिए घाटीगांव, लखनपुरा वन चौकी के की करीब दो दर्जन लोगों की टीम ने दबिश दी। चोरी का पत्थर लादकर ला रहे माफिया को घेरा गया। पत्थर चोर टै्रक्टर लेकर जंगल के कच्चे रास्तों में भागे। पीछा करने पर चोरों ने ट्रैक्टर छीकरी के जंगल में पहाड़ी से नीचे जाने वाले रास्ते पर उतार दिए।

 

करीब डेढ़ किमी नीचे उतरकर दोनों ट्रैक्टर चालक पत्थर पटककर भागे। टीम ने पीछा किया तो पहाड़ी पर पहुंचकर रास्ता बंद हो गया तो चोर ट्रैक्टर छोडक़र भाग गए। पीछा कर रही टीम ने ट्रैक्टर जब्त किए। जंगल से बाहर लाते समय दोनों ट्रैक्टर रास्ते में दलदल में फंस गए।

 

उन्हें निकालने की कोशिश कर रहे थे तभी माफिया के गुर्गों ने अमले को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दीं। इसमें डिप्टी रेंजर हरिवल्लभ चतुर्वेदी की कमर और और सुरक्षा गार्ड हरिशचंद्र चौहान के पैर में गोली लगी। बाकी अमले ने भागकर जान बचाई। हमले का पता चलने पर पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर भाग गए थे।

 

क्राइम मीटिंग में पुलिस, नहीं मिला था फोर्स
वन सूत्रों के अनुसार दबिश के लिए रवाना होते समय अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि तिघरा थाने से पुलिस फोर्स साथ जाएगा। लेकिन थाने पहुंचे तो डयूटी पर मौजूद हवलदार ने जवाब दिया कि थाना प्रभारी क्राइम मीटिंग में ग्वालियर गए हैं। थाने पर फोर्स की कमी है। इसलिए फारेस्ट टीम के साथ पुलिस नहीं भेज सकते। पत्थर चोरों ने भी भांप लिया कि दबिश देने आई टीम के साथ पुलिस नहीं आई है तो हावी हो गए।

 

"गोली मारने वाले भाग गए। ट्रैक्टर से आरोपियों की पहचान की जाएगी।"
एए अंसारी, डीएफओ

monu sahu
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