डेढ़ घण्टे की बारिश में दर्जनों पेड़ उखड़े, मकान गिरने से एक की हुई मौत, हर जगह भरा पानी

नगर निगम की खुली पोल, नालों की सफाई नहीं होने और नालियां चोक होने से कई क्षेत्रों में जलभराव

By: Gaurav Sen

Published: 01 Jul 2019, 11:26 AM IST

ग्वालियर. मौसम का मिजाज रविवार शाम को 4 बजे अचानक बदल गया। पहले तेज आंधी चली, इसके बाद झमाझम बारिश होने लगी। डेढ़ घंटे में 13 एमएम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी एवं उमस से राहत मिली। इस बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी और कई नालों की सफाई नहीं होने एवं नालियां चोक होने से कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।

आंधी, बारिश से शहर में करीब डेढ़ दर्जन स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग गिर गए। इस दौरान बिजली ठप हो गई और 70 फीडर 11 केवी के एवं 22 फीडर 33 केवी बंद हो गए, जिससे कई क्षेत्रों में देर रात तक बिजली सप्लाई बंद रही और लगभग दो लाख उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ा। वहीं बारिश के दौरान एबी रोड स्थित राजा गैस गोदाम माता मंदिर के पास पड़ोसी की दीवार गिरने से घर में सो रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई।

रविवार को सुबह से तेज धूप रही और गर्मी, उमस से लोग परेशान रहे। दोपहर में कई बार हल्के बादल छा गए और शाम 4 बजे से आंधी के साथ लगभग डेढ़ घंटे झमाझम बारिश हुई। अधिकतम तापमान 40.6 रहा, जो बारिश होने के बाद शाम 5.30 बजे 26 डिग्री पर आ गया। मौसम विभाग के अनुसार 13 एमएम बारिश दर्ज की गई है।

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पड़ोसी की दीवार गिरी, बेलदार की मौत
आंधी-बारिश से एबी रोड स्थित राजा गैस गोदाम माता मंदिर के पास रहने वाले लक्ष्मण कटारे के मकान पर पड़ोसी की दीवार गिरने से लक्ष्मण की दबने के कारण मौत हो गई। घटना के समय वह घर पर अकेला था। उसके घर की छत पर मलबा गिरने का पता चलने पर मोहल्ले के लोगों ने उसके पुत्र भम्मा को फोन कर बुलाया। उसके बाद फायर ब्रिगेड की मदद से लक्ष्मण को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। वह बेलदारी का काम करता था। उसके पुत्र भम्मा ने बताया कि उनके पड़ोस में सलीम खान का घर है, जिसकी दीवार हमारे घर पर आकर गिरी, जिससे घर की छत नीचे आ गई। उसके पिता लक्ष्मण कटारे घर में सो रहे थे।

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70 फीडर 11 केवी और 22 फीडर 33 केवी के हुए बंद

शाम करीब 4 बजे आंधी के साथ बारिश शुरू होते ही शहर के अधिकांश क्षेत्रों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। 70 फीडर 11 केवी के और 22 केवी फीडर 33 केवी के बंद हुए। जिन क्षेत्रों में पेड़ टूटकर गिरे वहां 4 से 6 घंटे तक बिजली बंद रही। बिजली सप्लाई चालू करने के लिए रात 10 बजे तक बिजलीकर्मी काम करते रहे।

अधिकांश फीडर चैंज ओवर किए गए, जिससे रात 8 बजे तक कई क्षेत्रों की चालू हो गई, लेकिन कई क्षेत्रों में फिर भी बंद रही। बिजली बंद होने से करीब दो लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए। लोगों को कम से कम डेढ़ से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। रात 8 बजे तक जिन क्षेत्रों में बिजली नहीं आई, वहां के लोगों ने बिजली अफसरों, कॉल सेंटर व एफओसी (फ्यूज ऑन कॉल) पर फोन किए। करीब दो घंटे में ही अलग-अलग क्षेत्रों से 2200 से अधिक उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई।

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यहां लाइन पर पेड़ गिरने से बंद हुई बिजली
थाटीपुर नेहरू कॉलोनी में पेड़ लाइन पर गिरा। जयविलास पैलेस के पास उत्सव वाटिका के पीछे पेड़ 11 केवी लाइन पर गिरने से तार टूट गए और पोल पर लगाए जाने वाले सपोर्टर भी गिर गए। इससे बड़ा क्षेत्र प्रभावित हुआ। रेसकोर्स रोड पर एलएनआईपी के पास पेड़ लाइन पर गिरने से बिजली बंद हुई। 33 केवी राठौर धर्म कांटा गोला का मंदिर, गदाई पुरा में पेड़ गिरने से 1 घंटे 10 मिनट बिजली बंद रही। सिकंदर कंपू क्षेत्र में पेड़ गिरने से कंपू से लेकर गुढ़ा-गुड़ी का नाका क्षेत्र बंद रहा। अवाड़पुरा, सिकंदर कंपू, आपागंज, सिंधी कॉलोनी, एवी रोड, अमानपुर क्षेत्र प्रभावित रहे।

33 केवी लाइन पर गिरी बिजली
गदाईपुरा स्थित रेडिमेड पार्क में बिजली पोल पर आसमानी बिजली गिरने से 12 इंसुलेटर बस्र्ट हो गए। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने इंसुलेटर बदलने तक बिजली सप्लाई का चैंज ओवर किया। इसके अलावा 33 केवी कॉर्मल, 33 केवी जेसी मिल फीडर और 33 केवी मुरार में फॉल्ट आया।


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टीन शेड से तार कटकर गिरे
नया पुरा धान मिल में आंधी से लोहे का टीन शेड उडकऱ बिजली के तारों से टकरा गया, जिससे तार टूट कर गिर गए। तारों को ठीक करने के लिए बिजलीकर्मियों को मशक्क त करनी पड़ी। सागरताल के पास बिजली पोल धंसक गया, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी। ट्रांसपोर्ट नगर, विनय नगर, शंकरपुर, मुरैना बायपास, मोतीझील पर भी पेड़ गिरने से बिजली सप्लाई बंद रही।

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मानसून में अभी 4-5 दिन और
मौसम वैज्ञानिक उमाशंकर चौकसे ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सिस्टम के बनने से 4-5 दिन में मानसून दस्तक दे सकता है। सोमवार को फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। धूप निकलेगी और तापमान बढ़ेगा।

इसी माह 47.8 से 25.4 पर आया पारा
जून माह में इस बार गर्मी खूब पड़ी है। 10 जून को तापमान 47.8 डिग्री तक पहुंच गया था, जिसने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया, वहीं मौसम बदलने पर यह 19 जून को 25.4 डिग्री पर आ गया था।

शहर में आंधी पानी से 70 फीडर 11 केवी और 22 फीडर 33 केवी के प्रभावित हुए। कहीं पेड़ गिरे, कहीं तार टूट गए। इन्हें सुधार कराकर फिर से बिजली सप्लाई शुरू कराई गई है।
राजीव गुप्ता, महाप्रबंधक, प्रभारी सिटी सर्किल, मक्षेविविकंलि

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