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ग्वालियर

Gwalior Fire News: पापा के साथ जिंदा जलीं 2 बेटियां, कंधा देते हुए बिलख उठा बेटा, रोते-रोते दी मुखाग्नि

MP Gwalior Fire News : ग्वालियर में विजय की पत्नी बेटे के साथ मायके गई हुई थी। ऐसे में वह अपनी दोनों बेटियों के साथ घर में सोए हुए थे। गुरुवार सुबह 4 बजे के करीब शॉर्ट सर्किट के कारण उनके घर में आग लग गई।

ग्वालियरJun 21, 2024 / 10:05 am

Ashtha Awasthi

MP Gwalior Fire News

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MP Gwalior Fire News: निगम का फायर अमला यदि तेजी दिखाता और फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय रहते मौके पर पहुंच जाती तो शायद बंटी भैय्या व दोनों बेटियों की जान को बचाया जा सकता था। यह कहना है कि कैलाश नगर बहोडापुर में ड्राय फ्रूट कारोबारी के पड़ोसी संगीता जैन, जीतेंद्र, गुड्डी बाई सहित अन्य का। कारोबारी के पड़ोसी जीतेंद्र ने रोते हुए बताया कि बंटी भाई रात को अपनी दुकान बंद करके छत पर सोने चले गए और उसके बाद ये हादसा हो गया।

तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए कोई सीढ़ी नहीं

पत्रिका से बातचीत करते हुए पड़ोसियों ने बताया कि आग करीब डेढ़ बजे के समय लगी थी, फायर अमले को भी तत्काल सूचना दी गई थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी एक घंटे देरी करीब 2 बजकर 34 मिनट पर पहुंची। इसमें अधिकतर कर्मचारी बिना उपकरण के ही आग बुझाने पहुंचे, उनके पास न तो तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए कोई सीढ़ी थी और न फायर से जुड़े सुरक्षा के कोई उपकरण व पानी लाने में भी काफी वक्त लगा।
पूर्व में भी शहर में बड़े-बड़े हादसे हो चुके है, लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदार अफसर पुराने हादसों से कोई सबक लेना नहीं चाहते है, यही वजह रही कि एक और हादसा हुआ और तीन लोगों की जानें चली गई। अभी भी समय है कि समय रहते इससे सबक लिया जाए और दुकान-गोदाम को रहवासी क्षेत्र से बाहर किया जाए।
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2 बजकर 34 मिनट पर पहुंची पहली गाड़ी, 42 मिनट में पाया काबू

नगर निगम के फायर विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक रात 2 बजकर 10 मिनट पर आरक्षक अजय सिंह ने बहोड़ापुर विनय नगर में दुकान में आग लगने की सूचना दी। अतिबल यादव ने बताया कि सूचना मिलने के बाद 2 बजकर 34 मिनट पर फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची और 2 बजकर 48 मिनट तक 6 गाडिय़ां मौके पर पहुंची। हालांकि आग को बढ़ता देख एक के बाद एक करके 17 गाडिय़ां मौके पर पहुंची और 42 मिनट में 32 कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान तीसरी मंजिल पर दीवार को तोडकऱ घर के अंदर प्रवेश किया गया।

पीएम कराकर पुस्तैनी घर पर लाए गए शव

ड्राय फ्रूट कारोबारी व दोनों बेटी की मौत के बाद परिजन तीनों के शव का पीएम कराकर उनके पुस्तैनी घर जनकताल ले गए। जहां से तीनों को एंबुलेंस के माध्यम से लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम तक ले जाया गया। इस दौरान हर किसी की आंखों में आंसू थे। वहीं लक्ष्मीगंज में बेटा वंश ने पिता विजय व दोनों बहनों की चिता को मुखाग्नि दी।

बड़े भाई के कंधों पर आई बेटा-बहू के पालन की जिम्मेदारी

विजय गुप्ता के पड़ोसी व परिजन ने बताया कि विजय व सुरेश दो भाई हैं। इनमें सुरेश बड़े हैं और वह जीवाजीगंज में गुप्ता दूध डेयरी की दुकान चलाते हैं, जबकि विजय उर्फ बंटी ने यहां करीब ढाई महीने पूर्व ही ड्रायफ्रूट का कारोबार शुरू किया था। दोनों ही भाई का अलग-अलग करोबार था। वहीं विजय के जाने के बाद पत्नी सुमन व बेटा वंश की जिम्मेदार अब उनके बड़े भाई सुरेश के कंधों पर आ गई है।

इन हादसे से भी नहीं लिया सबक

-मुरार के सदर बाजार में करीब चार साल पूर्व रात के समय आग लगने से एक युवक की जलकर मौत हो गई थी। जबकि एक अन्य युवक घायल हो गया था। आग नीचे दुकान में उसके बाद ऊपर के मकान में लगी थी। दुकान में कपड़े का सामान भरा हुआ था।
-इंदरगंज स्थित रोशनीघर के पास दो साल पूर्व पेंट कारोबारी की दुकान में आग लगने से ऊपरी मंजिल पर 11 लोग आग में फंस गए। इनमें से 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चार लोगों को किसी तरह बाहर निकाला गया था। दुकान में पेंट और ज्वलनशील पदार्थ थिनर व अन्य केमिकल से आग लगी थी।
-मोचीओली में करीब एक साल पूर्व सोफा व गद्दा कारोबारी के यहां नीचे की मंजिल में आग लग गई। आग देखते ही देखते दूसरी मंजिल फैल गई, इसमें कारोबारी दंपती की मौत हो गई। बाद में विरोध के रूप में बाजार को बंद रखा गया,लेकिन उसके बाद से फिर से वही दुकानें सज गई।\
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची थी। पहली गाड़ी 2 बजकर 34 मिनट पर पहुंची थी और 2:48 पर छह गाड़ी वहां पर पहुंच चुकी थी, कोई भी गाड़ी लेट नहीं हुई है। हमारे पास सुरक्षा के सभी उपकरण थे। पब्लिक हमेशा घटना के बाद फायर अमले को ही जिम्मेदार बताती है। हमने तीसरी मंजिल पर दीवार को तोडकऱ घर के अंदर प्रवेश किया था और एक लडक़ी को बाहर निकाला तो उसकी सांसें चल रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना एसी अथवा किचिन में शॉर्ट सर्किट से हुई है।- डॉ अतिबल सिंह यादव, उपायुक्त नगर निगम

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