अशरा ए मोहर्रम के 40वें दिन मनाया चेहल्लुम, सागरताल में ससम्मान दफनाए ताजिए

हजरत इमाम हुसैन की योम-ए-शहादत के 40वें दिन चेहल्लुम पर स्थानीय कर्बला परिसर सागरताल पर एकत्रित होकर मुस्लिमजनों ने खिराजे अकीदत पेश की।

By: Narendra Kuiya

Published: 08 Oct 2020, 11:37 PM IST

ग्वालियर. हजरत इमाम हुसैन की योम-ए-शहादत के 40वें दिन चेहल्लुम पर स्थानीय कर्बला परिसर सागरताल पर एकत्रित होकर मुस्लिमजनों ने खिराजे अकीदत पेश की। गुरुवार को शहीद-एक-कर्बला की रस्म अदा की गई। इस अवसर पर इमामबाड़ों से ताजिए मातमी जुलूसों के साथ सागरताल कर्बला पहुंचे, जहां शाम को उन्हेंं ससम्मान दफनाया गया। सुबह अमन-चैन की दुआ के साथ-साथ कोरोना महामारी से निजात दिलाने के लिए फातिहा पढ़ी गई और उसके बाद सेहराबंदी कर ताजियों को विसर्जित करने व दफनाने के लिए ताजिएदार मातमी धुनों के साथ कर्बला पहुंचे। जहां ताजियों को दफनाया व विसर्जित किया गया। शाम को परंपरानुसार ताजियती मजलिस हुई।

ये रहे मौजूद
सागरताल स्थित कर्बला पर इस मौके पर शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी, ग्रेटर मोहर्रम एवं ताजिया इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष अख्तर हुसैन कुरेशी, पूर्व मंत्री बालेंदु शुक्ल, लतीफ खां मल्लू, जिला शांति समिति के सदस्य अब्दुल समद कादरी, शहजाद खान, अब्दुल सईद, हबीब खान, प्रेमसिंह कौरव, डॉ.एम हुसैन आदि मौजूद थे।

बड़ी संख्या में पहुंचे ताजिएदार
मोहर्रम के 40 दिन बाद चेहल्लुम के मौके पर गुरुवार को सागरताल स्थित कर्बला पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद थे। मोहर्रम के समय इतने लोग नहीं पहुंचे थे। ताजिएदार अपने ताजियों को धूप, लोभान लगाकर दफना रहे थे। यहां पुलिसकर्मियों के साथ नगर निगम अमला भी मौजूद था।

Narendra Kuiya Reporting
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