फूलबाग चौपाटी पर चले लाठी-डंडे, अतिक्रमण हटाने गए मदाखलत अमले पर ठेले वालों ने फेंका गरमागरम सांभर

फूलबाग चौपाटी पर ठेलों की जगह लगे कैटरिंग वाहनों को हटाने गए मदाखलत अमले को दुकानदारों ने एकजुट होकर पीट दिया।

 

 

By: Gaurav Sen

Updated: 14 Nov 2017, 01:37 PM IST

ग्वालियर। फूलबाग चौपाटी पर ठेलों की जगह लगे कैटरिंग वाहनों को हटाने गए मदाखलत अमले को दुकानदारों ने एकजुट होकर पीट दिया।

इस दौरान बलवे में निगम के वाहनों की भी तोडफ़ोड़ कर दी, जिसमें निगम के कई कर्मचारी घायल हो गए। वहीं मुख्य रोड पर जाम लगने से लोगों में दहशत फैल गई। घटना पुलिस चौकी के पीछे का है। नगर निगम के लोगों पड़ाव थाना में मामला दर्ज कराया है। यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी हजीरा चौराहा और मुरार में ठेले वालों ने टीम पर हमला किया था, राजनीतिक संरक्षण के चलते ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

 

गर्म सांभर-सब्जी फेंकी अमले पर
सोमवार को निगम की ओर से सभी कैटरिंग वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने मदाखलत अधिकारी महेंद्र शर्मा अमले के साथ चौपाटी पर काउंटर हटाने की कार्रवाई शुरू की। दुकानदार एक राय हुए और अमले पर हमला कर दिया। उन्होंने सांभर, सब्जी, दाल अमले पर फेंकी और खान बनाने के सामान से हमला कर किया, जिससे अमला जान बचाकर भाग खड़ा हुआ। हमले में मदाखलत कर्मचारी अजय भार्गव और टीपू लोधी के सिर में रानी कुशवाह के पैर में चोट आई है। इस मामले में गैंगमैन बल्लू पाल की रिपोर्ट पर आरोपी राहुल उर्फ ढपली सेन, अमित राठौर और सुभाष निगम के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

 

यह था मामला

फूलबाग चौपाटी पर उन ठेले वालों को जगह दी गई थी, जो फूलबाग चौराहा का आसपास ठेले लगाकर यातायात को बाधित करते थे, लेकिन यहां पर कई ठेले वालों ने अपनी जगह ३ से ५ लाख रुपए में बेच दी। इसके बाद यहां कई बड़े कारोबारियों ने 6 वाय 4 के ठेलों की जगह बड़े आकार की बसें खड़ी करवा कर होटल का संचालन शुरू कर दिया।

हालांकि इस पूरे कौकस में पुलिस और नगर निगम का अमला मिला रहा तय वसूली के चलते कई सालों तक बड़े वाहनों को रात-दिन के लिए दुकानदारों चौपाटी की जगह दे दी गई। इस बीच भजन लाल पचौरी जो कि बस के आकार की कैटरिंग वाहन से होटल चला रहा था वहीं उसके पास रामनिवास बघेल द्वारा काउंटर लगाकर व्यावसाय किया जा रहा था। इन दोनों में जगह को लेकर लंबे अरसे से विवाद चल रहा था। दोनों ही निगम अफ सरों पर कार्रवाई के लिए दबाव बना रहे थे, इसमें एक पक्ष किसी अफसर के गांव का भी बताया गया है।

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