दहेज के लिए अपनी भाभी को प्रताडि़त करने वाली ननद को कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा

दहेज के लिए अपनी भाभी को प्रताडि़त करने वाली ननद को कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा
दहेज के लिए अपनी भाभी को प्रताडि़त करने वाली ननद को कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा

Rizwan Khan | Updated: 20 Sep 2019, 11:20:57 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

दहेज के लिए अपनी भाभी को प्रताडि़त कर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली ननद कनकलता सक्सेना को दहेज हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए अदालत ने सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

ग्वालियर. दहेज के लिए अपनी भाभी को प्रताडि़त कर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली ननद कनकलता सक्सेना को दहेज हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए अदालत ने सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मृतका की तीन पुत्रियों के पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकारी को निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आरोपी कनकलता सक्सेना को भादसं की धारा 306 के अपराध में दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई है। आरोपी पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया है। एडीपीओ एसके शर्मा ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी डॉ. अमित सक्सेना ने जनकगंज थाने को सूचना दी कि सुबह आठ बजे फरियादी को उसकी भांजी का फोन आया कि मां की तबियत बहुत खराब है तो वह अपनी बहन संगीता सक्सेना निवासी रामद्वारा ग्वालियर के घर पहुंचा। यहां उसने देखा कि उसकी बहन की मृत्यु हो चुकी थी। सारा मामला संदिग्ध नजर आ रहा था। इस सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच की और जांच में परिवार के अन्य सदस्यों के बयान से यह पाया कि मृतका को उसकी सास विमला सक्सेना तथा ननद कनकलता सक्सेना शारीरिक एवं मानसिक रूप से परेशान कर रही थीं। दोनों उसे भरपेट खाना भी नहीं देती थीं। जांच में पाया गया कि प्रताडऩा से तंग आकर संदिग्ध परिस्थितियों में यह मौत हुई है। इस पर पुलिस ने दहेज हत्या एवं दहेज प्रताडऩा का मामला दर्ज किया था।

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