नवरात्रि, देवी मां के दिन के अनुसार हों कपड़े, मिलेगा आशीर्वाद

नवरात्रि के शुरूआती दिनों में यदि आपने रंगों के अनुसार कपड़े नहीं पहने हैं, तो आखिरी दिनों में ऐसे कपड़ें जरूर पहनना चाहिए। हम आपको बता रहे हैं कि पूरे 9 दिनों के रंग और उनके महत्व...


ग्वालियर।   नवरात्रि का त्यौहार 9 दिनों तक चलता है, जिसमें रोजाना देवी के 9 रूपों की पूजा की जाती है। दसवें दिन विजयादशमी या दशहरे के रूप में मनाया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि नवरात्रि में रंगों के अनुसार कपड़े पहनने पर देवी मां प्रसन्न होती हैं? यदि आपने नवरात्रि के शुरूआती दिनों में इन रंगों के कपड़े नहीं पहने तो आखिरी दिनों में भी ऐसे वस्त्र धारण कर सकते हैं, जिससे देवी मां की आप पर कृपा बनी रह सकती है।

प्रत्येक वर्ष नवरात्रि के पहले दिन से आखिरी दिन तक का रंग निर्धारण किया जाता है। इसके बाद बाकी 8 दिनों के रंगों के क्रम का चक्र चलता है। हर रंग का अलग-अलग महत्व होता है। प्रत्येक दिन के अनुसार रंगों की सूची व उनका महत्व जानना जरूरी है। हालांकि नवरात्रि का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है। यदि शुरूआत में रंगों के अनुसार कपड़े नहीं पहने हैं तो आखिरी दिनों में ऐसे कपड़ें जरूर पहनना चाहिए। हम आपको बता रहे हैं कि पूरे 9 दिनों के रंग और उनके महत्व...
इन रंगों के कपड़े पहनकर करें पूजा-पाठ
पहले दिन - ग्रे
दूसरे दिन - नारंगी
तीसरे दिन - सफेद
चौथे दिन - लाल
पांचवें दिन - नीला
छठवें दिन - पीला
सातवें दिन - हरा
आठवें दिन - मोरपंखी हरा
नौवें दिन - बैंगनी या जामुनी रंग

नवरात्रि के अभी 2 दिन बाकी है, यदि आपने अभी तक रंगों के अनुसार कपड़े पहनकर पूजा नहीं कि है, तो आज से ही इन रंगों के कपड़े पहनकर पूजा कर सकते हैं।



साल में होती हैं चार नवरात्र-
भारत में नवरात्र को पर्व के रूप में मनाया जाता है। सबसे ज्यादा लोकप्रिय शारदीय नवरात्र है, जोकि वर्तमान समय में पूरे देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। आपको बता दें कि बहुत कम लोगों को पता है कि एक वर्ष में 4 नवरात्र होते हैं। प्रत्येक नवरात्र के अलग-अलग महत्व होते हैं। देवी पुराण में  कहा गया है कि साल भर में मुख्य रुप से नवरात्र का त्योहार 2 बार आता है।
हिन्दू पंचाग के अनुसार चैत्र यानि मार्च-अप्रैल में मां दुर्गा के पहले नवरात्र पर 9 दिन आराधना जाती है, जिन्हें वासंतीय नवरात्र कहा जाता है। अश्विन मास यानि सितम्बर-अक्टूबर में आने वाले नवरात्र को मुख्य नवरात्र कहा जाता है, जिसे जनमानस शारदीय नवरात्र के नाम से जानता है। 


navratri-pray-here-and-get-blessings-of-devi-maa-1416719/"> यह भी पढें-    नवरात्र पर चुनरी बांधने से पूरी होती है मनौती, जानिये कहां?


शारदीय नवरात्र के बाद से ही देश भर में त्योहारों की धूम मच जाती है। शारदीय नवरात्र के समापन पर ही दशहरे का त्योहार मनाया जाता है जो कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इसके अलावा एक वर्ष के भीतर 2 गुप्त नवरात्रि भी मनाई जाती है जो गृहस्थों के लिए नहीं होती है। यह दोनों नवरात्रि आषाढ़ यानि जून-जुलाई और दूसरा माघ यानि जनवरी-फरवरी में आते हैं।



इस प्रकार से साल में चार नवरात्रि आती हैं। जिसमें जनसामान्य के लिए बासंतिक और शारदीय नवरात्रि ही प्रमुख है। दो गुप्त नवरात्रों में ऋषि मनीषि साधना और आराधना करते हैं।



नवरात्रि में बिलकुल ना करें ये काम-
नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। सनातन पूजन परंपरा में विश्वास रखने वाले लोग नवरात्र के दौरान उपवास रखते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे काम है, जिन्हें शास्त्रों के मुताबिक नवरात्रि के दौरान एक व्रती के लिए निषेध माना गया है। 
1. कलश स्थापना करने या अखंड दीप जलाने वालों को नौ दिनों तक अपना घर खाली नहीं छोडऩा चाहिए।
2. नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखने वालों को इस व्रत के दौरान दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए।
3. व्रती को नौ दिनों तक नाखून नहीं काटने चाहिए।



4. काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। वैसे तो नवरात्रि में हर दिन के लिए एक विशेष रंग होता है लेकिन मां भगवती को लाल रंग सर्वाधिक प्रिय होता है।
5. इन दिनों तामसी भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस मदिरा के सेवन से परहेज करें। इसका कारण यह माना गया है कि इनसे काम, क्रोध की भावना बढ़ती है, मन संयमित नहीं रह पाता है।
6. व्रत में खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।



7. किसी का दिल दुखाना सबसे बड़ी हिंसा मानी जाती है। इसलिए ऐसी हिंसा से भी बचना चाहिए।
8. महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पूजन नहीं करना चाहिए।
9. नवरात्रि का व्रत करने वालों को पूजा के दौरान बेल्ट, चप्पल-जूते या फिर चमड़े से बनी चीजें नहीं पहननी चाहिए।
10. वैसे तो सामान्य दिनों में भी कन्याओं को बुरा भला नहीं कहना चाहिए और ना ही उन पर हाथ उठाना चाहिए। लेकिन नवरात्रि के दौरान इस बात का खास ध्यान रखें। कन्याओं में देवी का वास माना जाता है। इसी कारण नवरात्रि में कन्याओं की पूजा की जाती है।
Show More
rishi jaiswal
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned