अब 20 फ फीसदी कम दर पर होंगी जमीनों की रजिस्ट्री, बंटवारे में भी मिलेगा फायदा

राज्य सरकार के फैसले के बाद कलेक्टर गाइडलाइन में कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक भूमि की दर में 20 प्रतिशत कमी की गई है, इस पर 1 जुलाई से रजिस्ट्री होने लगेगी।

ग्वालियर. राज्य सरकार के फैसले के बाद कलेक्टर गाइडलाइन में कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक भूमि की दर में 20 प्रतिशत कमी की गई है, इस पर 1 जुलाई से रजिस्ट्री होने लगेगी। संपदा सॉफ्टवेयर पर 1 जुलाई से घटी हुई दरों की गाइडलाइन उपलब्ध करा दी गई है। वर्ष 2019-20 के लिए जारी गाइडलाइन के लिए पंजीयन विभाग ने दो दिन तक पंजीयन का काम बंद कर सॉफ्टवेयर को अपडेट किया है।
इसके साथ ही पारिवारिक सहमति से होने वाले विभाजन (बंटवारे) और दानपत्र के आधार पर पंजीकृत होने वाले दस्तावेजों में भी आमजन को राहत मिल सकेगी। जबकि व्यावसायिक उपयोग के लिए निवेशकों द्वारा की जाने वाली खरीद पर भी अब वास्तविक मूल्य और गाइडलाइन में लगभग समानता होने से खरीदारों को आयकर विभाग की कार्रवाई से भी राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र की गाइडलाइन में वर्ष 2011-12 से शुरू हुई बढ़ोतरी के कारण आमजन के लिए प्लॉट, फ्लैट आदि खरीदना मुश्किल हो गया था, लेकिन 7 साल बाद एकमुश्त 20 फीसदी कमी किए जाने से जिले के लोगों को अपने घर का सपना साकार करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, स्टांप ड्यूटी में 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। शहरी क्षेत्र में 12.5 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 9.5 प्रतिशत शुल्क में दस्तावेजों का पंजीयन होगा।

 

इनकम टैक्स में भी राहत
जिन क्षेत्रों की वास्तविक कीमत और गाइडलाइन की दरों में असमानता थी, वहां इनकम टैक्स संबंधी परेशानी ज्यादा आती थीं। वहां अब दर कम हो जाएगी। प्लॉट, फ्लैट और कृषि भूमि तीनों स्लैब में राहत मिलेगी। अभी तक प्रावधान था कि गाइडलाइन से कम दर में भूमि नहीं खरीद सकते हैं, इसलिए लोगों को कम दर में खरीद करने पर भी इनकम टैक्स पूरा देना पड़ता था। स्टांप ड्यूटी 2.1 प्रतिशत बढ़ाए जाने से शासन को राजस्व की क्षति नहीं होगी।


तेजी से विकसित हो रहे कुछ प्रमुख क्षेत्र
यहां होगा ज्यादा फायदा पुरानी दरें नई दरें
सिरोल 11000 8800(आवासीय )
डोंगरपुर 12000 9600(आवासीय )
खुरैरी 1.20 करोड़ 96 लाख रुपए (कृषि भूमि प्रति है.)
कैलाश नगर 20000 16000(आवासीय)

 


बाजारों में भी फायदा
फूलबाग मैन रोड दीनदयाल मॉल की गाइडलाइन दर 1.8 लाख हजार रुपए प्रति वर्गमीटर थी, इसलिए इसके दूसरे और तीसरे मंजिल पर संपत्ति खरीदार नहीं मिलते थे, लेकिन अब यह संपत्ति बिक सकेगी।
मुरार के सभी संतर में लगभग 30 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर है, नए स्लैब लागू होने से यहां की कमर्शियल और आवासीय दोनों ही संपत्तियों में लगभग 6 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर की कमी आ जाएगी।

 

आमजन को यह राहत
पारिवारिक विभाजन में पहले स्टांप ड्यूटी 2.5 प्रतिशत थी, वह अब 0.5 प्रतिशत रह जाएगी।
पारिवारिक दानपत्र में पहले मुद्रांक शुल्क 2.5 प्रतिशत के साथ 0.5 प्रतिशत रहेगा, लेकिन नगर निगम एवं अन्य कर पूर्व की तरह रहेंगे।
अगर कोई व्यक्ति अपनी बेटी, पत्नी और पुत्रवधू को संपत्ति में सह स्वामी बनाता है, इसमें पहले 2.00 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी थी, अब यह केवल 1 हजार रुपए फिक्स हो जाएगी।
निर्माण की आयु के आधार पर छूट 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है, इसे ऐसे समझें कि अगर बिल्डिंग पुरानी है तो उस पर उतना मुद्रांक शुल्क कम लगेगा।
अगर फाइनेंस के लिए गाइडलाइन दर से ज्यादा दर पर रजिस्ट्री कराई जाएगी तो गाइडलाइन की कीमत और वास्तविक लेनदेन के अंतर की कीमत पर सिर्फ 1.5 प्रतिशत शुल्क लगेगा।

रिज़वान खान Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned