ब्रांडेड-नॉन ब्रांडेड उत्पादों का खेल, ओम शुभ-लाभ कंपनी पर बड़ी कार्रवाई

ग्वालियर के आठ ठिकानों सहित श्योपुर और मुरैना में भी मारा छापा

By: deepak deewan

Published: 14 Sep 2021, 09:41 AM IST

ग्वालियर. जीएसटी राज्य कर विभाग के एंटी इवेजन ब्यूरो की टीमों ने सोमवार को ओम शुभ-लाभ एग्रो कंपनी के शहर में आठ ठिकानों सहित श्योपुर और मुरैना में छापामार कार्रवाई की। विभाग की टीमें दोपहर करीब 12 बजे कंपनी के संचालक गिर्राज बंसल और केतन बंसल के यहां कार्रवाई करने पहुंची। देर रात तक टीमों ने जांच-पड़ताल की है, जिसमें बड़ी संख्या में स्टॉक, बिल बुक और कागजातों की जब्ती की गई है। विभाग की टीमों के यहां पहुंचते ही हडक़ंप मच गया था।

इस छापामार कार्रवाई के लिए पुलिस बल के साथ आठ टीमों का गठन किया गया था। जीएसटी विभाग के आला अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई में बड़े कर अपवंचन का खुलासा होने की उम्मीद है। जीएसटी राज्य कर विभाग के आयुक्त राघवेंद्र सिंह के निर्देशन में की गई इस छापामार कार्रवाई को करीब तीन दर्जन लोगों की टीम ने अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान एंटी इवेजन ब्यूरो ने कारोबारी के यहां स्टॉक की गणना करने के साथ-साथ कागजातों को भी जब्त किया है।

एंटी इवेजन ब्यूरो की टीमें कंपनी के मुख्य व्यवसाय स्थल मलगढ़ा ट्रिपलआइटीएम के सामने ओमश्री शुभ-लाभ एग्रो और इसी परिसर में संचालित परमसुख ट्रेडिंग, सहित परमसुख एडिबल फूड, सिद्धबाबा कैरियर, परमसुख ट्रेडिंग कंपनी, सनराइज फूड्स, बीपी फूड प्रोडक्शन पर कार्रवाई करने पहुंची थी। इसके साथ ही विभाग की टीमें मुरैना, मालनपुर, श्योपुर, इंदौर, भोपाल, पीथमपुर, जबलपुर, भोपाल, देवास, गोटेगांव आदि जगहों पर भी जांच करने के लिए पहुंची हैं।

कंपनी संचालक आटा, तेल आदि खाद्य पदार्थों मेन्यूफैक्चरिंग और ट्रेडिंग दोनों ही काम करते हैं। कंपनी के मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र में अलग-अलग फर्म काम कर रही हैं। टीमें वहां के ट्रांजेक्शन का भी मिलान भी कर रही हैं। दिन भर चली कार्रवाई के बाद विभाग की ओर से विवेचना अभी जारी है। जीएसटी राज्य कर विभाग को टैक्स इवेजन की सूचना के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। कंपनी ने कुछ ही समय में अपने कारोबार को फैलाते हुए कई फैक्ट्रियों को खरीदा है।

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जीएसटी विभाग की टीमों ने प्राथमिक जांच में पाया है कि कंपनी की ओर से ब्रांडेड और नॉन ब्रांडेड उत्पादों की बिक्री करके मोटा खेल किया जा रहा है। ब्रांडेड सामान पर 5 फीसदी टैक्स लगता है। जांच में पाया गया कि टर्नओवर में टैक्स फ्री दर्शाया जा रहा था, जबकि ब्रांडेड सामान की बिक्री की जा रही है। टीमें कंपनी के रिटर्न से मिलान भी कर रही हैं। यहां ब्रांडेड और नॉन ब्रांडेड दोनों ही तरह का माल पाया गया है। कंपनी की ओर से जितना माल बेचा गया है उससे अधिक की बिलिंग की गई है।

कुछ बिलिंग तो फर्म के बिलों में दिखाई दे रही है बाकी का कारोबार कच्ची पर्चियों पर किया गया है। जिसका मिलान भी टीमों द्वारा किया जा रहा है। कंपनी के स्मार्ट वाइफ के नाम से उत्पाद तैयार होते हैं। इसमें आटा, दलिया, बेसन, मैदा, अरहर दाल, काबुली चना, सरसों के तेल आदि तैयार होते हैं। स्मार्ट वाइफ के नाम से सिटी सेंटर में शोरूम भी है। यहां भी विभाग की टीमें पहुंची थीं।

कारोबारी गिर्राज बंसल और उनके बेटे केतन बंसल की कंपनी का टर्नओवर 1400 करोड़ रुपए से अधिक का बताया गया है। मालनपुर में सिक यूनिट लेकर वहां आटा चक्की के प्लांट से शुरूआत के बाद बानमोर में एक यूनिट लगाई थी। उसके बाद बेटे केतन ने स्मार्ट वाइफ के नाम से ब्रांड रिटेल स्टोर प्रारंभ किए जो ग्वालियर, दिल्ली एनसीआर, गुडग़ांव, जयपुर, भिवंडी (हरियाणा) सहित देश के 24 स्थानों पर काम कर रहे हैं। इन स्टोर में एफएमसीजी उत्पादों के साथ-साथ बाजार के दूसरे उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

जयपुर में हो चुकी है कार्रवाई
पिछले साल सितंबर माह में जयपुर में एक्सपायरी डेट के सामान की डेट चेंज कर रिपेकिंग कर बाजार में बेचने वालों को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की थी। इसमें बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट के 3 हजार कट्टे आटा, मैदा, सूजी के मिले थे। ये सारा सामान जेसीबी से गड्ढों में दबवाया गया था। यहां बने गोदाम ओम शुभ-लाभ के संचालकों के नाम से मिले थे।

कट्टों में निकला था कम आटा
कोरोना संक्रमण काल के दौरान जब जरूरतमंदों को आटे का वितरण किया गया उस समय आटे की खरीदारी इसी ग्रुप से की गई थी। उस समय जिन आटे के कट्टों की आपूर्ति की गई थी उसमें भी आटा कम निकला था, जबकि फर्म द्वारा आटे के पूरे पैसे लिए गए थे। उस समय भी कई लोगों ने कट्टों में आटे की कमी को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी।

इस संबंध में जीएसटी राज्य कर एंटी इवेजन ब्यूरो के ज्वाइंट कमिश्नर यूएस बैस ने बताया कि विभाग की टीमों ने ओम शुभ-लाभ एग्रो कंपनी के आठ ठिकानों पर कार्रवाई की है। यहां बड़ी संख्या में गड़बडिय़ां मिली हैं, अभी विवेचना और जांच-पड़ताल की जा रही है। कंपनी की ओर से ब्रांडेड और नॉन ब्रांडेड उत्पादों की बिक्री की जा रही थी। इसकी भी जांच कर रहे हैं। बुधवार को भी कार्रवाई जारी रह सकती है।

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