किट आते ही पहले दिन संक्रमित मरीजों की जान बचाने 10 लोगों ने दिया प्लाज्मा

लम्बे समय बाद जयारोग्य हॉस्पिटल के ब्लड बैंक में प्लाज्मा किट आईं। पहले दिन कोविड मरीजों की जान बचाने के लिए 10 लोगों ने प्लाज्मा डोनेट किया। यह किट बॉम्बे से मंगलवार की सुबह...

ग्वालियर. लम्बे समय बाद जयारोग्य हॉस्पिटल के ब्लड बैंक में प्लाज्मा किट आईं। पहले दिन कोविड मरीजों की जान बचाने के लिए 10 लोगों ने प्लाज्मा डोनेट किया। यह किट बॉम्बे से मंगलवार की सुबह आईं। लोगों को मालूम चलते ही ब्लड बैंक पहुंचे। एक व्यक्ति का प्लाज्मा निकालने में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। इससे देर शाम तक वेटिंग रही।
उल्लेखनीय है कि शहर के अस्पतालों द्वारा रोज प्लाज्मा की डिमांड की जा रही थी। प्लाज्मा डोनर भी तैयार थे, लेकिन प्लाज्मा किट न होने के कारण मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस बात का खुलासा पत्रिका ने अपने 28 अप्रेल के अंक में किया था, जिसके बाद जिम्मेदार जागे और आनन-फानन किट लाने की रफ्तार तेज हुई।

एंटीबॉडीज चेक कराने की नि:शुल्क सुविधा
जेएएच के ब्लड बैंक ने एंटीबॉडीज चेकअप कैंप भी शुरू किया है, लेकिन शर्त यह है जिसकी एंटीबॉडीज बनी होगी, उन्हें ब्लड डोनेट करना होगा। इसकी किट भी अभी तक नहीं थी, जो गत दिवस आई हैं। इसके बाद यह कैंप लगाया गया है।


पांच दिन बाद फिर आएगी दिक्कत
अभी पहले खेप में 16 किट आई हैं। दूसरा खेप अगले दो दिन में आएगा। इसके बाद अगली डिमांड बॉम्बे भेजी जाएगी, जिससे प्लाज्मा किट की शॉर्टेज न हो। जबकि असलियत यह है कि जितनी संख्या किट की मंगाई गई है। वह महज पांच दिनों के लिए है। इसके बाद फिर वही किट का रोना शुरू हो जाएगा। क्योंकि हॉस्पिटल में डिमांड काफी अधिक है।


दूसरा डिमांड लेटर भी भेज रहे हैं
हमने 40 प्लाज्मा किट का डिमांड लेटर भेजा था, जिसमें से 16 किट आ चुकी हैं। 24 किट दो दिन बाद आएंगी। अब जल्द ही दूसरा डिमांड लेटर भी भेज रहे हैं, जिससे प्लाज्मा की कमी न पड़ सके।
अरुण जैन, प्रभारी, ब्लड बैंक जेएएच

रिज़वान खान Desk
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