रक्तदान की शर्त पर उच्च न्यायालय ने दी जमानत

आरोपी ने जताई थी रक्तदान इच्छा, जेल से रिहा होने पर जेएएच में किया रक्तदान

By: Rajendra Talegaonkar

Published: 03 Dec 2019, 10:57 PM IST

ग्वालियर। उच्च न्यायालय ने नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी राजीव दुबे को प्रकरण की परिस्थितियों को देखते हुए किसी पीडि़त की मदद के लिए रक्तदान किए जाने की शर्त पर जमानत पर रिहा किए जाने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश पर आरोपी ने जेल से छूटने के बाद जयारोग्य चिकित्सालय जाकर रक्तदान किया।
न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने अपनी तरह के इस प्रकार के पहले आदेश में आरोपी की रक्तदान कर समाज के लिए कुछ करने की इच्छा व्यक्त करने पर उक्त आदेश दिए। आरोपी ने पहला आवेदन खारिज होने के बाद यह दूसरा आवेदन प्रस्तुत किया। आरोपी की ओर से कहा गया कि उसे ३१ अगस्त १९ को पंडोखर थाना पुलिस दतिया ने पाक्सो एक्ट के अपराध में गिरफ्तार किया है। आरोपीकी ओर से कहा गया कि इस मामले में चार्जशीट फाइल की जा चुकी है। आरोपी की ओर से जमानत पर कोई आपत्ति नहीं की गई है। दोनों पक्षों के बीच सहमति हो चुकी है। आवेदन में कहा गया कि उसके खिलाफ आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। उस पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। वह पुलिस को जांच में सहयोग
के लिए तैयार है। आरोपी के भाई की ओर से कहा गया कि आरोपी
समाजसेवा के रुप में रक्तदान करना चाहता है। शिकायतकर्ता को कोई आपत् ित नहीं होने तथा प्रकरण के तथ्यों को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी
को रक्तदान करने की शर्त पर जमानत पर रिहा किए जाने के आदेश दिए।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि आरोपी जयारोग्य चिकित्सालय समूह के ब्लड बैंक के अंतर्गत रक्तदान महादान समिति के जरिए संपूर्ण औपचारिकताओं के बाद रक्त दान कर सकता है। रक्तदान महादान समिति के सचिव एडवोकेट दिलीप कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी ने रक्तदान कर दिया है।

Rajendra Talegaonkar Desk/Reporting
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