दुबला-पतला देख लोग हंसते थे मुझ पर, बात दिल पे लगी तो दो साल में बन गया बॉडी बिल्डर

51 साल की उम्र में एकदम फिट हैं मनोज, अभी भी करते हैं रोजाना 5 घंटे एक्सरसाइज

By: Mahesh Gupta

Published: 17 Oct 2020, 10:52 PM IST

ग्वालियर.
कभी-कभी किसी का मजाक उड़ाना भी अवसर बन जाता है। लोग उसे दिल पे ले बैठते हैं और जिद में आकर कुछ ऐसा कर जाते हैं कि सामने वालों की राय बदल जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ ग्वालियर के जिम इंस्ट्रक्टर मनोज जैन के साथ। 18 साल की उम्र में वह एकदम दुबले-पतले थे। लोग उनके पिता से मजाक उड़ाते। बोलते-मनोज को कुछ खिलाया-पिलाया करो। यह सुन मनोज ने ठान लिया कि अब मुझे बॉडी बनानी है। उन्होंने एक्सरसाइज शुरू की और दो साल में बॉडी बिल्डर बन गए, तब वही लोग यह पूछने आने लगे कि अपनी फिटनेस का राज बताओ। हम आपके जैसा कैसे बन सकते हैं। आज 51 साल की उम्र में भी मनोज यंग हैं और रोजाना 5 घंटे एक्सरसाइज करते हैं।

रात के दो बजे शुरू कर देता एक्सरसाइज
मनोज ने बताया कि लोगों के उपहास को मैंने दिल पे लिया और उसके बाद बाल भवन स्थित व्यायामशाला में कसरत करने लगा। लोग वहां भी मुझे देखकर हंसते थे, लेकिन मैंने परवाह नहीं की। जिस समय भी मन होता एक्सरसाइज करने लग जाता। कभी-कभी तो रात के दो बजे ही एक्सरसाइज शुरू कर देता। उस समय मैं व्यायामशाला के कई कॉम्पीटिशन में पार्टिसिपेट किया और विनर रहा।

पैसे नहीं थे, बाल भवन में करता था कसरत
उस समय आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। इस पर मैंने जिम जॉइन नहीं की। बाल भवन में व्यायामशाला में कसरत करता और घर पर भी देशी एक्सरसाइज। उस समय बाल भवन में बहुत कम पैसा लगता था। मेरा यह शौक प्रोफेशन बना और आज भी मेरी दीवानगी फिटनेस के प्रति है। मैं बाहर भी कहीं जाता हूं, तो बेसिक एक्सरसाइज जरूर करता हूं।

पॉकेट मनी से घर लाया था एक्सरसाइज मशीन
कॉलेज टाइम में मैं घर पर डम्बल, राड, बेंच सहित कुछ मशीनें अपनी पॉकेट मनी से ले आया था। मेरी पर्सनालिटी को देख दोस्त भी मेरे घर एक्सरसाइज करने आने लगे। मैंने उन्हें गाइड करता था। इस पर मैंने सोचा कि क्यों न इसी में अपना कॅरियर बनाऊं। तब मैंने जिम की शुरुआत कर दी और वहां ऐसे लोगों मोटिवेट किया, जो दुबले-पतले थे और उनका खुद की फिटनेस की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं था। इसके बाद कारवां चल पड़ा।

फिटनेस ट्रेनर के साथ इंटरनेशनल योगा टीचर भी
मनोज फिटनेस ट्रेनर के साथ इंटरनेशनल योगा टीचर भी हैं। अभी तक वह शहर और बाहर कई जगह ट्रेनिंग के लिए जा चुके हैं। इसके साथ ही कई फ्री कैंप भी कर चुके हैं। साथ ही वह एडवोकेट भी हैं। 51 साल की उम्र में भी वह काम को पहले प्राथमिकता देते हैं। इसके लिए वह कभी-कभी केवल पांच घंटे की नींद लेते हैं।

बढ़ती उम्र में भी एक्सरसाइज का सिलसिला नहीं थमेगा
मनोज का कहा कि जिस प्रकार गाड़ी पुरानी होने पर सर्विसिंग जल्दी कराने की जरूरत पड़ती है। उसी प्रकार उम्र बढऩे के साथ खाने और एक्सरसाइज पर अधिक कंसनट्रेशन की जरूरत है। 60 साल के बाद मेरा फोकस लाइट वेट ट्रेनिंग, स्ट्रेचिंग वर्कआउट, कॉर्डियो फिटनेस वर्कआउट पर रहेगा।

एडवोकेट मनोज जैन, फिटनेस ट्रेनर

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