बेल का पेड़ लगाने से मिलता है कन्यादान का फल : कौशिक महाराज

- कुंज बिहार में श्रीमद्भागवतकथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ

By: Narendra Kuiya

Published: 21 Feb 2020, 11:32 PM IST

ग्वालियर. जीवन में पेड़ लगाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं हैं। एक वृक्ष लगाने से दस बच्चों को पालने का पुण्यफल मिलता है, लेकिन यदि आप एक बिल्ववृक्ष लगाते हैं तो कन्यादान का फल प्राप्त होता है। यह विचार कौशिक महाराज ने कुंजबिहार में आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शुक्रवार को व्यक्त किए।
कौशिक महाराज ने कहा कि यदि कलावे को नख से चोटी तक नापकर बिल्व वृक्ष की पिंडी से बांध दें तो आयु में वृद्धि होती है। बेलपत्र के पौधे में पानी देने से कुंभ स्नान का फल मिलता है। उन्होंने बताया कि महादेव की आराधना के बगैर मोक्ष नहीं मिल सकता है। शिव से सीखें कि समाज के कल्याण के लिए विष पीने के लिए भी तैयार रहें। गुरूमंत्र से पूजा को खाद पानी मिलता है, इसलिए गुरूदीक्षा लेकर गुरूमंत्र का जाप जरूर करें। उन्होंने बताया कि सभी 12 ज्योर्तिलिंग शिवरात्रि को ही प्रकट हुई थीं। रात्रि में प्राकट्य होने की वजह से रात्रि में यदि शिव का अभिषेक करें तो अधिक पुण्यफल मिलता है। कालसर्प दोष के बारे में उन्होंने कहा कि कुंडली में जब राहु-केतु आकर बैठ जाएं तो कालसर्प दोष उत्पन्न होता है, लेकिन इससे घबराएं नहीं, भोलेनाथ की आराधना से सारे दोष दूर हो जाते हैं।
इसलिए कहते हैं चंद्रमा को मामा
कौशिक महाराज ने समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि लक्ष्मी और चंद्रमा दोनों ही समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुए। अत: वे दोनों भाई-बहन हुए। लक्ष्मी हमारी मां हैं, तो चंद्रमा उनका भाई होने की वजह से हमारा मामा कहलाएंगे।

Narendra Kuiya Reporting
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