लॉकडाउन में पुलिस को चोरों की चुनौती, शॉपिंग कॉम्पलेक्स में 8 दुकानों में चोरी

लॉकडाउन में रात के वक्त बेधड़क चोरों ने ग्वालियर सिविल अस्पताल के सामने तपेश्वरी कॉम्पलेक्स में घुसकर 8 दुकानों के ताले तोड़कर उनमें चोरी की। कॉम्पलेक्स में कुल 11 दुकाने हैं

ग्वालियर. लॉकडाउन में रात के वक्त बेधड़क चोरों ने ग्वालियर सिविल अस्पताल के सामने तपेश्वरी कॉम्पलेक्स में घुसकर 8 दुकानों के ताले तोड़कर उनमें चोरी की। कॉम्पलेक्स में कुल 11 दुकाने हैं। चोर रात करीब 12:37 बजे कॉॅम्पलेक्स में एंटर हुए, डेढ़ घंटे तक उसमें रहे। दुकानों से कपड़े, साडिय़ां, आर्टिफिशियल ज्वैलरी सहित लाखों का समेट कर निकल गए, जबकि बाहर पुलिस लगातार गश्त की ताल ठोक रही है। सवाल उठता है कॉम्पलेक्स से करीब 100 मीटर की दूरी पर चौराहे पर हजीरा पुलिस की चौकी है। दूसरी तरफ लगभग इतनी ही दूरी पर ग्वालियर थाना है। दो थाने के बीच में चोरों ने आकर 8 दुकानों के ताले तोड़े, उनसे सामान समेटा और निकल गए। पुलिस को पता तक नहीं चला। सुबह जब चोरी सामने आई तब हड़कंप मचा। चोरों का पता लगाने के लिए डॉग स्क्वॉड को बुलाया। चोरों की गंध लेकर ट्रैकर डॉग जौंटी चार शहर का नाका से आगे तक गया उसके बाद आगे नहीं बढ़ा। लॉकडाउन में चुनौती देने वाले चोरो के बारे में पुलिस भी फिलहाल खाली हाथ हैं।
कुशाग्र रस्तोगी ने बताया मां तपेश्वरी कॉम्पलेक्स में उनकी रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान है। उसमें चोरों ने करीब 45 हजार का सामान चोरी किया है। कॉम्पलेक्स मे चौकीदार नहीं है। रोज दुकानदार मेन शटर बंद कर घर जाते हैं। चोरों ने अंदर घुसने के लिए पीछे के रास्ते का इस्तेमाल किया। इसलिए मेन शटर उसी तरह बंद रहा जैसा कारोबारी कर गए थे। कॉम्पलेक्स दो मंजिल का है। उसमें सीसीटीवी लगे हैं। उनमें दो चोर वारदात करते दिखे हैं। चोरों ने 8 दुकानों के शटर पर लगे ताले तोड़े। जिसमें जो सामान रखा था वह समेटा। आशंका है कि चोर ऑटो या चार पहिया वाहन लेकर आए है। उसमें सारा सामान भरकर ले गए।
कारोबारी नीतेश राय ने बताया कोरोना की वजह से 8 बजे बाजार बंद होने का फरमान है, इसलिए सभी दुकानदार समय पर कारोबार बंद कर चले गए थे। साथी कारोबारी महेन्द्र अग्रवाल की यहां मोबाइल रिचार्ज की दुकान है। वह सुबह मार्निंग वॉक पर निकलते हैं तो रोज कॉम्पलेक्स पर भी राउड लगाते हैं। रविवार सुबह भी आए तो उन्हें सभी दुकानों के ताले टूटे मिले, तब चोरी पता चली। एक साथ 8 दुकानों के ताले चटके देखकर महेन्द्र घबरा गए। नजारा देखकर बाहर भागे। उस वक्त पीसीआर निकल रही थी उसे रोककर घटना बताई। फिर साथी दुकानदारों को फोन कर बुलाया।
नीतेश के मुताबिक राखी का त्योहार आ रहा है। इसलिए ज्यादातर दुकानों पर काफी स्टॉक था। उनकी दुकान पर तो सारा स्टॉक कुछ दिन पहले ही नया आया था। चोर करीब 50 हजार का सामान ले गए। 27 हजार 500 रुपए तो गल्ले में ही रखे थे।


100 मीटर की दूरी पर चौकी, आखिर कहां थी पुलिस
पूरे कॉम्पलेक्स में चोरी से कारोबारी आक्रोश में आ गए उनका कहना था कि 100 मीटर की दूरी पर हजीरा चौकी है। थोडी दूरी पर ग्वालियर थाना है। रात में लॉकडाउन रहता है। ऐसे में अगर आम आदमी बाहर निकलता है तो पुलिस उसे खदेड़ती है। तमाम पूछताछ करती है फिर चोर उसकी नजर में क्यों नहीं आए। दो चोर तो कॉम्पलेक्स के अंदर सीसीटीवी में वारदात करते दिख रहे हैं। जाहिर है इतना सामान समेट कर ले जाने में उनके और साथी भी शामिल रहे होंगे। चोरों की बाकी टोली कॉम्पलेक्स के बाहर आसपास मौजूद रही होगी।


कियोस्क का ताला उखाड़ा
इन दुकानों में एसबीआइ का क्योसेक सेंटर भी शामिल है। चोरों को आशंका थी इसमें काफी पैसा मिल सकता है। उसमें सुरक्षा के लिए शटर में दो तालों के अलावा सेंटर लॉक भी लगा था। चोरों ने उसे भी उखाड़ दिया। इससे जाहिर है कि चोर पूरी तैयारी से आए थे। उन्हें कॉम्पलेक्स के बारे में जानकारी रही है। यह पता था कि किस दुकान का ताला कितना मजबूत है। कियोस्क सेंटर का ताला उखाडऩे के लिए जैक का इस्तेमाल किया है।


फुटेज, चोरी में माहिर बदमाशों की तलाश
चोरों का पता लगाने के लिए फुटेज के अलावा इस तरह की वारदातों में माहिर बदमाशों का भी पता लगाया जा रहा है। आशंका है कि चोरों ने रविवार को लॉकडाउन का फायदा उठाकर वारदात की है। उन्हें पता था कि रविवार को दुकाने बंद रहेंगी। इसलिए शनिवार रात को कॉम्पलेक्स में घुसे हैं। चोरों का जो रूट ट्रैक हुआ है उसके आधार पर भी पता लगाया जा रहा है।
बलवीर सिह मावई, ग्वालियर थाना प्रभारी

रिज़वान खान Desk
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