खटारा वाहनों में चल रहे प्रदूषण केंद्र, परिवहन विभाग नहीं करता कार्रवाई

शहर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर परिवहन विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं करता है, जिन वाहनों को अनफिट होना चाहिए उन्हें भी फिटनेस जारी हो जाती है। यहां तक कि प्रदूषण मापने के लिए जो चलित केन्द्र शहर में चल रहे हैं वह भी...

ग्वालियर. शहर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर परिवहन विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं करता है, जिन वाहनों को अनफिट होना चाहिए उन्हें भी फिटनेस जारी हो जाती है। यहां तक कि प्रदूषण मापने के लिए जो चलित केन्द्र शहर में चल रहे हैं वह भी खटारा है और इनकी भी जांच पड़ताल तक नहीं होती।
वाहनों की प्रदूषण जांच के लिए शहर में चलित प्रदूषण केन्द्र चल रहे हैं। सालों पुरानी वैन में यह केन्द्र चल रहे हैं। इन केन्द्रों की न तो कोई जांच पड़ताल होती है और न ही इन वाहनों की ही जांच की जाती है, जबकि नियमानुसार प्रदूषण केन्द्र की मॉनिटरिंग की जाना चाहिए कि जो मशीन है वह सही ढंग से जांच रिपोर्ट दे रही है या नहीं। लेकिन परिवन विभाग के अधिकारी इसको लेकर कोई जांच पड़ताल तक नहीं करते। यहां तक कि जिन वाहनों पर यह केन्द्र चल रहे हैं उनमें से कई तो अनफिट हैं इसके बावजूद यह प्रदूषण जांच केन्द्र इन वाहनों पर ही चल रहे हैं।


वाहनों की भी जरूरत नहीं
पीयूसी जारी करते समय यह जरूरी होता है कि वाहन मौके पर हों और उसकी जांच के बाद ही सर्टिफिकेट जारी किया जाए, लेकिन कई केन्द्रों पर बिना वाहनों के लाए ही सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। ऐसे में भी यह लोग नहीं देखते कि वाहन वास्तव में फिट है या नहीं। परिवहन विभाग कार्यालय के सामने ही यह लोग यह सब करते हैं बावजूद इसके इन पर कोई कार्रवाई भी नहीं की जाती है।


पहले भी लाइसेंस निरस्ती की कार्रवाई की थी
जांच करेंगे अगर गड़बड़ होगी तो कार्यवाई करेंगे। हमने पहले भी लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की थी।
रिंकू शर्मा, एआरटीओ

रिज़वान खान Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned