हर तरफ से हार चुके पिता का दर्द, कोई मुझे खरीद ले तो कराऊं अपने लाल का इलाज

हर तरफ से हार चुके पिता का दर्द, कोई मुझे खरीद ले तो कराऊं अपने लाल का इलाज

By: Gaurav Sen

Published: 03 Mar 2019, 10:49 AM IST

महेश गुप्ता @ ग्वालियर

चार साल के मासूम बेटे राम को दर्द से तड़पता देख पिता का कलेजा फटता है, लेकिन उसकी बेबसी ऐसी कि अपने लाल का इलाज नहीं करा पा रहा। राम को पेट का गंभीर रोग बताते हुए डॉक्टर ने बताया है कि जल्द ऑपरेशन नहीं हुआ तो उसका एपेंडिक्स फट सकता है और इससे जान पर बन आएगी। ऑपरेशन पर करीब 22-25 हजार रुपए खर्च आएगा। दूसरों के खेत पर मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पाल रहे पिता के लिए इतने पैसों का इंतजाम मुमकिन नहीं। कोई राह न देख लाचार पिता अपने कलेजे के टुकड़े के इलाज के लिए खुद को भी बेचने को तैयार है। इंसान की मजबूरी की बेचैन कर देने वाली यह तस्वीर शनिवार को शहर में एक डॉक्टर के क्लीनिक पर दिखी।

चार साल के मासूम को है अपेंडिकुलर म्यूको स्पील बीमारी
आलमपुर दबोह निवासी विनोद कुमार राठौर के बेटे राम को डॉक्टर ने अपेंडिकुलर म्यूको स्पील बीमारी से पीडि़त बताया है। विनोद गांव में बटाई के खेत लेकर परिवार पालता है। खेती में पत्नी और बच्चे भी साथ देते हैं। इस बार फसल खराब होने से पैसे नहीं मिले। अब दो जून की रोटी भी मुश्किल हो रही है। विनोद ने बताया कि राम के पेट में दो साल से दर्द है। अब तक देसी दवा से काम चला रहे थे। दर्द असहनीय होने पर गांव के डॉक्टर ने शहर जाकर दिखाने को कहा। पैसे नहीं थे इसलिए पहले नहीं आ सका। अब कुछ पैसे कर्ज लेकर यहां आया तो अल्ट्रासाउंड से पता चला कि राम की आंत की साइज बढ़ गई है। तत्काल ऑपरेशन करना होगा, नहीं तो एपेंडिक्स फट जाने का खतरा है। ऑपरेशन का खर्च सुनते ही विनोद फफक-फफक कर रो पड़ा। विनोद ने कहा कि इतने पैसे कहां से लाऊंगा? ... कोई मुझे खरीद ले ताकि बेटे का इलाज करा सकूं।

बच्चे की हालत नाजुक
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनीत चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है। एपेंडिक्स में काफी सूजन है। एपेंडिक्स कभी भी फट सकता है। इससे इन्फेक्शन फैल सकता है। तत्काल ऑपरेशन जरूरी है। नहीं तो बच्चे की जान का भी खतरा हो सकता है।

क्या होता है अपेंडिकुलर म्यूको स्पील
अच्छा खान-पान नहीं होने और लंबे समय तक इन्फेक्शन बने रहने से अपेंडिक्स में सूजन आ जाती है। इससे पेट में असहनीय दर्द होता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर इन्फेक्शन फैल जाता है। सूजन बढ़ जाती है। साइज ज्यादा बढऩे पर एपेंडिक्स फट सकता है। इसका सारे आर्गन्स पर असर पड़ता है। जान का खतरा भी रहता है।

Gaurav Sen
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