यहां बन रहा है सिस्टम, इन दिनों नहीं हुई बारिश नहीं तो फिर नहीं कोई उम्मीद,मौसम वैज्ञानिकों की ये भविष्यवाणी नींद उड़ा देगी

shyamendra parihar

Publish: Sep, 16 2017 01:17:30 (IST) | Updated: Sep, 16 2017 01:17:31 (IST)

Gwalior, Madhya Pradesh, India
यहां बन रहा है सिस्टम, इन दिनों नहीं हुई बारिश नहीं तो फिर नहीं कोई उम्मीद,मौसम वैज्ञानिकों की ये भविष्यवाणी नींद उड़ा देगी

आधा सितंबर निकलने के बाद भी बारिश न होने से लोग बेहाल हो रहे हैं। पिछले काफी दिनों से छाए बादलों के चलते दिन भर गर्मी और उमस से लोग परेशान होते रहे।

ग्वालियर। आधा सितंबर निकलने के बाद भी एक दिन भी बारिश न होने से लोग बेहाल हो रहे हैं। पिछले काफी दिनों से छाए बादलों के चलते शुक्रवार को दिन भर गर्मी और उमस से लोग परेशान होते रहे। बारिश न होने के कारण तपन और उमस भी बढ़ती ही जा रही है। अब तो लोगों को गर्मी के चलते घरों में भी चैन नहीं मिल रहा है।मौसम विभाग के अनुसार बादलों को ऊपरी सतह पर नमी नहीं मिलने के कारण बारिश की संभावना नहीं है। शुक्रवार को अधिकतम तापतान 35.6 और न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री दर्ज किया गया।

 

MUST READ : फेस्टिव सीजन में कहीं घूमने का PLAN है तो इन ट्रेनों में सीटों का स्टेटस चैक कर लें, झटका लग सकता है

 

बाहरी क्षेत्र में हो सकती है बारिश
मौसम वैज्ञानिक सुनील कुमार गोधा के अनुसार बादलों को नमी नहीं मिलने के कारण बारिश नहीं हो रही है। अगले चौबीस घंटे में ग्वालियर के आसपास क्षेत्रों में बारिश की संभावना है।

23 और 24 सितंबर को आने वाले सिस्टम पर पैनी नजर
जल संसाधन विभाग की नजर 23 और 24 सितंबर पर टिकी है। भारतीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र की रिपोर्ट के अनुसार दोनों तिथियों में ग्वालियर में बारिश की संभावना है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी जीडी मिश्रा ने बताया उक्त तिथियों के बाद बारिश की संभावना इस मानसूनी सीजन में खत्म सी हो जाएगी।

 

MUST READ :  ब्लूव्हेल गेम के चलते 11वीं के छात्र ने लगाई फांसी! हाथ पर मिले ये निशान, खबर हिला कर रख देगी


तिघरा में आएगा यहां से पानी

जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) का फील्ड स्टाफ हाई अलर्ट पर है। इस कवायद की मंशा ककेटो और पेहसारी से ग्रेविटी के जरिए तिघरा तक अधिकतम पानी पहुंचाना है, इसके चलते पिछले पन्द्रह दिन में तिघरा में करीब 150 एमसीएफटी पानी आ चुका है, इतना ही पानी अभी और लाने की तैयारी है। हालांकि ग्रेविटी के जरिए पानी बहाने के लिए बने स्लूज गेट पर पानी बहुत कम बचा है, इसलिए विभाग तमाम तकनीकी उपाय करके अधिकतम पानी को तिघरा पहुंचाना चाहता है।


आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक शासन ने ककेटो-पेहसारी से लिफ्ट करके तिघरा तक पानी पहुंचाने का खर्च प्रदेश का सूखा राहत प्रकोष्ठ उठाएगा, राजस्व विभाग ने इसकी भी मंजूरी दे दी है। ग्वालियर डिवीजन के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर अशोक सिंघल ने बताया, हम तिघरा तक अधिकतम पानी लाने के लिए संकल्पित हैं।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned