प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड,फिर भी पैसे से इलाज

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड,फिर भी पैसे से इलाज

By: monu sahu

Published: 04 Apr 2019, 05:41 PM IST

ग्वालियर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में जिस व्यक्ति के पास कार्ड है उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा,इसका प्रावधान है। लेकिन ग्वालियर में इस कार्ड के बाद भी लोगों को किस कदर निजी हॉस्पिटलों द्वारा बाहर से जांच कराकर उनकी जेब कटवाई जा रही है। इसका ताजा मामला कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान का सामने आया है, जहां अलग-अलग जगह के लोग इस कार्ड को लेकर अपना इलाज कराने यहां आए थे, जिनसे अलग-अलग जांच कराकर हजारों रुपए खर्च करा लिए। इसकी शिकायत कलेक्टर से लेकर प्रधानमंत्री तक को भेजी गई है।

 

मैनपुरी जिल के औसाफ अली, नरेश कुमार, बरुआसागर के मातादीन, आशावाद जिला फिरोजबाद के प्रभूदयाल, रानीपुर जिला झांसी के कालीचरण, मनिया जिला छतरपुर के चिराग, शिवपुरी के राजकुमार, छतरपुर के राजू रैकवार व भेलसा टीकमगढ़ की श्री देवी के परिजनों ने पत्रिका को अपना दर्द एक शिकायती पत्र के जरिए आरोप लगाते हुए बताया कि हम कैंसर से पीडि़त हैं और गरीब हैं और उनके पास प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना समेत बीपीएल कार्ड सहित 24 प्रकार के श्रमिकों के बनने वाले कार्ड हैं। जिससे हमें किसी भी तरह का इलाज नि:शुल्क मिल सकता है।

 

इन कैंसर मरीजों के परिजनों ने बताया कि हम लोग अलग-अलग इलाज के लिए अलग-अलग तिथियों में ग्वालियर के कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान में भर्ती हुए थे। हमारे पास जन आरोग्य योजना का कार्ड था, उसके बाद किसी भी तरह का इलाज पर पैसा न लगना था। लेकिन यहां हम लोगों से अलग-अलग जांच कराई गईं जिनका खर्चा डेढ़ हजार से लेकर सात-आठ हजार रुपए तक पहुंचा। उनका आरोप था कि जब हमने विरोध किया तो वहां के पदस्थ स्टॉफ ने कहा कि नेतागिरी करोगे तो इलाज भी नहीं हो पाएगा।

 

एसडीएम को पहुंचे ज्ञापन देने
इन कैंसर पीडि़त मरीजों से जन आरोग्य योजना का कार्ड होने के बाद भी इलाज और जांच के नाम पर पैसा खर्च कराने के मामले को लेकर एवं कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान पर कार्रवाई कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के मीडिया प्रभारी जगजीत सिंह राजावत के नेतृत्व में कई लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मप्र कमलनाथ के नाम संबोधित एक ज्ञापन कलेक्टर के न मिलने पर एसडीएम झांसी रोड अनिल बनवारिया को सौंपा। इसके साथ ही इस ज्ञापन की एक प्रति मप्र के मुख्य सचिव एसआर मोहन्ती को भेजी, उन्होंने इस मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया।

 

"प्रधानमंत्री आरोग्य योजना के तहत इलाज करने के लिए पंजीकृत है, लेकिन कैंसर की प्रारंभिक जांच के लिए डायग्नोसिस कराना अनिवार्य है। कैंसर की अलग-अलग बीमारी के लिए उक्त योजना में राशि भी निर्धारित है। यदि किसी को शिकायत है तो वह मुझसे मिल सकता है।"
डॉ. बी. आर. श्रीवास्तव, डायरेक्टर कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान

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