प्रीमियम पेट्रोल ढाई साल में 33.99 रुपए लीटर महंगा हुआ, अब 25 फीसदी भी नहीं है बिक्री

- सादा पेट्रोल पहले ही हो चुका 100 रुपए पार, अब डीजल भी जल्द मारेगा शतक
- लगातार बढ़ते दामों से पंप डीलरों से लेकर आम जनता सभी परेशान

By: Narendra Kuiya

Published: 21 Jun 2021, 01:23 PM IST

ग्वालियर. अधिक माइलेज और इंजन की लंबी उम्र देने का दावा करने वाला प्रीमियम (स्पीड) पेट्रोल पिछले ढाई वर्ष में 33.99 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। आलम यह है कि वर्तमान में इसकी बिक्री 25 फीसदी से भी कम हो चुकी है। महंगी गाडिय़ों के शौकीन लोगों को प्रीमियम पेट्रोल लेना पड़ता है, पर इसके बढ़ते दामों ने उनकी परेशानी को बढ़ा दिया है। वहीं सादा पेट्रोल के दाम जहां पहले ही 105 रुपए की कीमत को पार कर चुके हैं वहीं जल्द ही डीजल भी शतक मारने से कुछ कदम की दूरी पर है। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ते दामों से जहां आम जनता हलाकान है वहीं मजे की बात यह है कि दामों की बढ़ोतरी के विरोध में कोई भी खड़ा दिखाई नहीं देता है। डीजल के बढ़ते दामों से जहां महंगाई को बढ़ावा मिल रहा है वहीं पंप डीलरों का कहना है कि यदि सरकार टैक्स में कमी नहीं करती है तो आने वाले दिनों में काम करना भी मुश्किल हो जाएगा।

इतने बढ़ चुके दाम
01 जनवरी 2019
प्रीमियम पेट्रोल - 74.53 रुपए लीटर
सादा पेट्रोल - 71.49 रुपए लीटर
डीजल - 63.72 रुपए लीटर

21 जून 2021
प्रीमियम पेट्रोल - 108.52 रुपए लीटर
सादा पेट्रोल - 105.37 रुपए लीटर
डीजल - 96.60 रुपए लीटर

ऐसा होता है प्रीमियम फ्यूल
2006 में जब प्रीमियम सेगमेंट शुरू हुआ था तो उस समय इसकी बिक्री काफी अधिक थी। कंपनियां सादे फ्यूल में विदेश एडिटिव्स मिलाकर प्रीमियम फ्यूल तैयार करती हैं। एडिटिव्स के कारण वाहन की कार्य क्षमता बढ़ जाती है और धुंआ भी कम निकलता है। यह पर्यावरण के लिए भी ठीक है।

फैक्ट फाइल
- शहर में रोजाना सादा पेट्रोल की खपत ढाई लाख लीटर।
- डीजल की रोजाना की खपत ढाई से तीन लाख लीटर।

28 जून से डीजल के बढ़ते दामों का ट्रांसपोर्टर करेंगे विरोध
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस नई दिल्ली के वेस्ट जोन उपाध्यक्ष विजय कालरा ने बताया कि डीजल के लगातार बढ़ते दामों को लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबारी विरोध स्वरूप पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। सरकार की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने के बाद अब काम करना मुश्किल हो गया है। मध्यप्रदेश में 10 से 12 रुपए प्रति लीटर डीजल के अधिक दाम चुकाना पड़ रहे हैं। इसे लेकर देश व्यापी आंदोलन 28 जून से प्रारंभ होने जा रहा है। शुरूआत में काले झंडे लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा उसके बाद भी यदि सरकार नहीं सुनती है तो ट्रकों के पहिए जाम किए जाएंगे और आरटीओ में गाडिय़ां खड़ी करके चाबियां सौंप दी जाएंगी।

टैक्स में छूट दी जानी चाहिए
ये स्पष्ट है कि पेट्रोल-डीजल अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं। जिसके परिणामस्वरूप ग्राहक और पंप डीलर दोनों को ही क्रय-विक्रय करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से निवेदन है कि जल्द से जल्द टैक्स में छूट प्रदान कर आम जनता को राहत प्रदान करे।
- दीपक सचेती, संरक्षक, ग्वालियर पेट्रोलियम डीलर्स ऐसोसिएशन

Narendra Kuiya Reporting
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