भाव पक्ष में बाजे रे मुरलिया बाजे... की प्रस्तुति

संगीत विश्वविद्यालय में कथक साधना महोत्सव

By: Mahesh Gupta

Published: 16 Oct 2020, 11:10 AM IST

ग्वालियर.
संगीत विश्वविद्यालय में कथक साधना महोत्सव

राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कथक नृत्य विभाग की ओर से गुरुवार को कथक साधना महोत्सव का आयोजन किया गया। पहली प्रस्तुति एमपीए द्वितीय वर्ष के छात्र अजीत कश्यप ने दी। उन्होंने शिव पंचाक्षर स्त्रोत के पश्चात ताल तीन ताल में ठाट, उठान, आमद, तोड़ा, तिहाई, परन प्रस्तुत की। भावपक्ष में भजन के बोल थे बाजे रे मुरलिया बाजे...। दूसरी प्रस्तुति विराज सिंह तोमर ने दी। उन्होंने शुरुआत वंदना से की। उसके बाद ताल तीन ताल मे ठाट, उठान, आमद, तोड़ा, परन, चक्रदार परन, तिहाई, कवित्त, तिस्राजाति के जयपुर घराने की पारम्परिक बंदिशों को पेश किया। भावपक्ष में मीरा भजन मारो प्रणाम बांके बिहारी... किशोरिया अमोनकर द्वारा गाया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंजना झा ने कुलपति प्रो. पं. साहित्य कुमार नाहर एवं कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत शर्मा का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुलपति ने छात्रों की प्रस्तुतियों को सराहा और उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि कला में निखार तभी आता है, जब आप विधवत प्रैक्टिस करते हैं। इसलिए निरंतर रियाज को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

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