शहर की शराब दुकानें खुली नहीं, ग्रामीण की भी हो सकती है बंद

ग्वालियर शहर में दुकान खोलने का आदेश आया, लेकिन नहीं खुली दुकानें

ग्वालियर. शराब कारोबारी अब प्रदेश सरकार के खिलाफ खुलकर विरोध में आ गए हैं। उनकी मांगों का कोई हल नहीं निकलने के कारण गुरुवार से प्रदेश में शराब कारोबारियों ने पूरी तरह से दुकानें लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी। एक शराब कारोबारी ने कहा, गुरुवार को आबकारी अधिकारियों के साथ बैठक होना है यदि उसमें कुछ हल निकला तो ठीक है, नहीं तो सभी दुकानों की चाबियां शासन को सौंप देंगे।
ग्रीन जोन में आने के बाद ग्वालियर शहर में 18 मई को शराब दुकानें खोलने के आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन यहां एक भी शराब की दुकान नहीं खुली। कारोबारी ने कहा, गुरुवार को ग्वालियर ग्रामीण सहित मुरैना, भिण्ड की शराब दुकानों के शटर नहीं उठेंगे। हालांकि बुधवार को भी कई जिलों की दुकानें बंद रही। शराब कारोबारियों को कहना है इस वर्ष 25 फीसदी अधिक बोली लगाकर लाइसेंस लिए थे। कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन में शराब दुकानें नहीं खुली जिससे ब्रिकी नहीं हुई इस कारण कमाई नहीं हुई। इसलिए कारोबारियों को राहत देते हुए 2019-20 की लाइसेंस फीस पर ही ब्रिकी की अनुमति दी जाए। साथ जितनी ब्रिकी हो रही है उतना ही सरकार टैक्स लें। इस मामले को लेकर कारोबारी कोर्ट भी जा चुके है और 27 मई फिर सुनवाई होगी।


गुरुवार से शराब कारोबारी प्रदेशभर में शराब दुकानें बंद कर रहे हैं ऐसी जानकारी आई है। इस संबंध में सरकार और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ही निर्णय लेंगे। आगे जो भी आदेश आएगा उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
संदीप शर्मा, सहायक आबकारी आयुक्त, ग्वालियर


प्रदेश सरकार हमारी मांगे नहीं मान रही है। नुकसान में दुकानें संचालित नहीं करेंगे। इसलिए गुरुवार से प्रदेश की सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। अधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक है। यदि निर्णय निकलेगा तो दुकानें खुलेंगी नहीं तो चाबियां शासन को सौंप देंगे।
रामस्वरूप शिवहरे (लल्ला), आबकारी ठेकेदार

Patrika
राहुल गंगवार Desk
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