पीएस को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता घटिया मिली थी, उपयंत्री निलंबित

इको ग्रीन कंपनी पर भी जताई थी नाराजगी

ग्वालियर. बीते रोज नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे नगर निगम, स्मार्ट सिटी व अमृत परियोजना के तहत चल रहे कामों की हकीकत जानने के बाद भोपाल वापस लौट गए हैं। उनके निर्देश पर नगर निगम व पीएचई के अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरने की कार्रवाई उपयंत्री महेन्द्र अग्रवाल के निलंबित के साथ गिरना शुरू हो गई है। इन पर आरोप है कि क्षेत्रीय कार्यालय 8 के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान कामों की गुणवत्ता में कई खामियां पीएस ने देखी थीं। खबर है कि प्रमुख सचिव के निशाने पर अमृत परियोजना के तहत चल रहे पानी के कामों की गुणवत्ता ठीक नहीं मिलने और तिघरा से मोतीझील तक 42 करोड़ रुपए की लागत से डाली जा रही पाइप लाइन में बेस न देख पीएस दुबे ने अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य के आगे हाथ जोड़ लिए थे, जिससे समझा जा रहा है कि मौर्य निशाने पर आ गए है। संभावना ये है कि इन पर भी कार्रवाई की गाज जल्द गिर सकती है।
नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने अपने एक आदेश में पीएचई के उपयंत्री महेन्द्र अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। इस आदेश में कहा है कि बीते दिवस नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे के ग्वालियर प्रवास के दौरान क्षेत्रीय कार्यालय 8 के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया, इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्रान्तर्गत किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई एवं निर्माण कार्यों में पानी की तराई तथा अन्य मानक स्तरों का भी ध्यान नहीं रखा गया है। माकिन ने अपने आदेश में कहा है कि निलंबन कार्यकाल में उनका मुख्यालय कार्यपालन यंत्री जल प्रदाय संधारण खण्ड क्रमांक 1 का कार्यालय रहेगा।

बताया गया कि पीएस संजय दुबे ने इको ग्रीन कंपनी के काम से संतुष्ट न होने पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा था कि 31 मई तक सभी वार्डों में कचरा कलेक्शन और व प्लांट का कार्य कर लें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वहीं अमृत परियोजना के तहत चल रहे सीवर कामों को देखने के समय प्रभारी रामू शुक्ला पर नाराज न होना चर्चा का विषय बना हुआ है।

राजेंद्र ठाकुर Desk
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