लाखों रुपए खर्च हुए, फिर भी सडक़ों पर फैल रही यूरिन

लाखों रुपए खर्च हुए, फिर भी सडक़ों पर फैल रही यूरिन

Rajesh Shrivastava | Publish: Sep, 07 2018 07:23:34 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

सार्वजनिक मूत्रालयों की नियमित सफाई नहीं होने से सडक़ पर फैल रही यूरिनल की गंदगी, कई जगह आईं दरारें, गायब हो गईं टाइल्स

ग्वालियर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया था। इसके बाद प्रदेश के सभी शहरों में स्वच्छता अभियान चला। मंत्री, सांसद और विधायकों से लेकर अधिकारी तक सडक़ों पर झाड़ू थामे नजर आए थे। मगर यहां के शहरवासियों के लिए स्वच्छता अभियान बेमानी है। शहर में जगह-जगह स्थायी और अस्थायी सार्वजनिक शौचालयों में भरी गंदगी से निकलती बदबू से लोग परेशान हैं। इधर से गुजरने में लोगों को परेशानी होती है।

नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी 66 वार्डों में आमजन की सुविधा के लिए बनवाए गए सार्वजनिक मूत्रालय देखरेख के अभाव में बदहाली का शिकार होते जा रहे हैं। मूत्रालयों में कई जगह दीवारों में दरारें आ चुकी हैं, साथ ही कई जगह से टाइल्स गायब होती जा रही हैं। सार्वजनिक मूत्रालयों की नियमित सफाई नहीं कराए जाने के कारण सडक़ों पर यूरिनल की गंदगी फैल रही है, जिससे आने वाली दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा अभी भी कई वार्डों में सार्वजनिक मूत्रालयों का निर्माण अधूरा पड़ा है, इसके बावजूद निगम प्रशासन द्वारा संबंधित ठेकेदारों का भुगतान करा दिया गया है। इस बात का खुलासा एक्सपोज द्वारा की गई पड़ताल के दौरान हुआ।

योजना को मंजूरी मिलते ही वार्डों में 100 मीटर की दूरी पर एक सार्वजनिक मूत्रालय बनाने के लिए ठेकेदारों को काम दिया गया। 5.20 करोड़ की लागत से करीब 528 सार्वजनिक मूत्रालय बनाए गए हैं। योजना के तहत सभी सार्वजनिक मूत्रालयों में करीब 80 हजार की लागत से टाइल्स लगवाने के अलावा अन्य कार्य कराए जाने की मंजूरी दी गई। साथ ही सडक़ों पर यूरिनल की गंदगी न फैले इसके लिए पाइपों को नालियों से जोडऩा था, लेकिन जिन ठेकेदारों को निर्माण कार्य सौंपा गया, उनके द्वारा निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते कई सार्वजनिक मूत्रालयों से टाइल्स गायब हो चुकी हैं। कई मूत्रालयों के आसपास गंदगी पसरी रहती है, जिससे दुर्गंध के कारण लोग इनका उपयोग करने से बच रहे हैं।

अधूरे निर्माण, फिर भी कर दिया गया भुगतान

योजना के तहत सभी वार्डों में हर 100 मीटर की दूरी पर एक सार्वजनिक मूत्रालय का निर्माण कार्य कराया जाना है। जिसको लेकर संबंधित ठेकेदारों द्वारा कई वार्डों में सार्वजनिक मूत्रालयों का निर्माण कार्य करा दिया गया है, इसी के साथ ही कई वार्डों में अभी भी सार्वजनिक मूत्रालय का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिनका निर्माण कार्य जारी है। इसके बावजूद भी निगम प्रशासन द्वारा सभी सार्वजनिक मूत्रालयों के निर्माण का भुगतान संबंधित ठेकेदारों को कर दिया गया है।

ठेकेदारों को निर्देशित कर दुरुस्त कराया जाएगा
-आमजन की सुविधा के लिए सार्वजनिक मूत्रालयों का निर्माण कराया गया है, लेकिन कई असमाजिक तत्वों द्वारा इन्हें नुकसान पहुंचाया गया है। जिन्हें दोबारा दुरुस्त कराए जाने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की है। इसी के साथ ही हमारे वार्ड में एक सार्वजनिक मूत्रालय का निर्माण कार्य कराया जाना है, लेकिन उसमें जगह का विवाद सामने आ रहा है। इस संबंध में कमिश्नर को शिकायत की जाएगी, साथ ही ठेकेदार को निर्देशित कर सार्वजनिक मूत्रालयों को दुरुस्त कराया जाएगा।
अनीता-राजेन्द्र शर्मा, पार्षद वार्ड 32

-अभी फिलहाल व्यस्त हूं, इस संबंध में जानकारी नहीं है, ऑफिस से जानकारी लेकर ही डिटेल में बता पाऊंगा।
प्रदीप चतुर्वेदी, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम

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