ग्वालियर रामलीला समारोह मे अंगद के वापिस लौटने पर प्रभु राम लंका पर आक्रमण कर देते है। रावण अपने पु़त्र को युद्व के लिये भेजता है लक्ष्मण श्री राम की आज्ञा पाकर मेघनाथ से लडने युद्व मे उतरते है मेघनाथ आसूरी षक्ति का प्रयोग कर लक्ष्मण का मूर्छित कर देता है। श्रीराम के षिविर मे हाहाकार मच जाता है । मेघनाथ की सैना विजयघोष करती हुई लंका वापिस लौट जाती है श्रीराम लक्ष्मण को मूर्छित देखकर दुखी हो जाते है और उसे ठीक करने का उपाय पूछते है तब विभिषन बताते है की लंका मे सुषने नामक एक वैद्य रहता है वही उसका उपाय बता सकता है हनुमान तुरंत लंका जाकर वैद्य को ले आते है तब वैद्य जी बताते है की हिमालय की चोटी के पास संजवीनी नामक औषधी पायी जाती है अगर सूर्य उदय से पहले वह बूटी मिल जाये तो लक्ष्मण जी के प्राण बच सकते है रावण को जब पता चलता है की हनुमान जी बूटी लेने गये है तो रावण कालनेमी नामक राक्षस को उन्हे रोकने के लिये भेजता है हनुमान जी कालनेमी का वधकर संजीबनी बूटी लेने पहु।चते है बूटी की पहचान न कर पाने की स्थिति मे पूरा पहाड ही रामदल की ओर लेकर आ जाते है ।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned