स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में फिर बिगड़ेगी रैंकिंग, यह हैं बड़े कारण

शहर में सफाई व्यवस्था संभाल रही ईको ग्रीन कंपनी व्यवस्थाएं सुधारने में फैल नजर आ रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 का पहला बिन्दु सूखा और गीला कचरा अलग-अलग कलेक्शन करने का है...

ग्वालियर. शहर में सफाई व्यवस्था संभाल रही ईको ग्रीन कंपनी व्यवस्थाएं सुधारने में फैल नजर आ रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 का पहला बिन्दु सूखा और गीला कचरा अलग-अलग कलेक्शन करने का है, वह भी कंपनी अभी तक पूरी तरह लागू नहीं कर सकी है। नगर निगम अधिकारी भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सके हैं। निगमायुक्त ने कंपनी को 10 दिन में व्यवस्थाएं सुधारने का अल्टीमेटम दिया है तो कंपनी के पदाधिकारी सुधार की बात तो कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में ऐसा होता दिख नहीं रहा है। इससे इस साल भी शहर की स्वच्छता रैंकिंग बिगड़ेगी।
शहर में कचरा कलेक्शन और उसके निस्तारण की जिम्मेदारी ईको ग्रीन कंपनी की है। करीब 2 साल पहले कंपनी को पूरे शहर में घरों से कचरा कलेक्शन और उसके बाद लैंडफिल साइट पर उसकी प्रोसेसिंग की जिम्मेदारी दी गई थी। उसे सभी 66 वार्डों से कचरा कलेक्शन करना था, लेकिन वह सिर्फ 40 वार्डों में ही कचरा कलेक्शन कर रही है। कंपनी को निगम हर महीने कचरा कलेक्शन के लिए एक से डेढ़ करोड़ रुपए भी दे रही है। इसके बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के लिए जरूरी मापदंड पूरे होते नहीं दिख रहे हैं।


एक वार्ड में अलग नहीं हो रहा कचरा
स्वच्छता सर्वेक्षण में अलग-अलग प्वॉइंट निर्धारित किए गए हैं, जिसके तहत सबसे पहले जो काम होना है वह सूखा और गीला कचरा अलग करने का है। लेकिन शहर में एक भी वार्ड में कंपनी ऐसा नहीं कर पाई है।


गाड़ी में बैठे हेल्पर भी नहीं बताते
जो गाडिय़ां घरों से कचरा कलेक्शन के लिए जाती हैं, उनमें लोग एक साथ ही सूखा और गीला कचरा डाल देते हैं। गाड़ी में बैठे हेल्पर भी इसके बारे में किसी को नहीं बताते हैं।


अलग करने का यह है उद्देश्य
कचरे को अलग करने का उद्देश्य है यह कि जब लैंडफिल साइट पर कचरा जाए तो उसे अलग करने में समय न बर्बाद हो और उससे खाद बनाने की प्रोसेस जल्दी शुरू हो सके।


ट्रांसफर स्टेशन पर भी सिस्टम नहीं: ईको ग्रीन ने शहर में 7 अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर स्टेशन बनाए हैं, यहां गीले और सूखे कचरे को कॉम्पैक्ट बनाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण अगर वाहनों से कचरा अलग होकर आता भी तो कोई मतलब नहीं है।


फैक्ट फाइल
ईको ग्रीन के पास टिपर: 188
कचरा कलेक्शन के वार्ड: 40
ट्रांसफर स्टेशन : 7

आखिरी तिमाही का डेढ़ महीना शेष
स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 को तीन तिमाही में बांटा गया है। पहली तिमाही अप्रेल से जून, दूसरी जुलाई से सितंबर और तीसरी अक्टूबर से दिसंबर है। दो तिमाही गुजर चुकी हैं और आखिरी तिमाही के लगभग डेढ़ महीने शेष हैं।

यह नहीं मिलेंगे अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण में सभी बिंदुओं के अलग-अलग अंक निर्धारित हैं। निगम और ईको ग्रीन कंपनी की लापरवाही से कई प्वॉइंट शहर को नहीं मिल पाएंगे। इसमें कचरा अलग करने के 70, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के 45, पॉलीथीन फ्री के 50, प्लास्टिक कचरा ट्रीटमेंट के 50 और 100 प्रतिशत साफ वार्ड के 50 अंक नहीं मिल पाएंगे।


लोगों को जागरूक कर रहे हैं
व्यवस्थाएं सुधार रहे हैं, सूखा और गीला कचरा अलग करने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं, इसके लिए गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
रमेश शर्मा, असिस्टेंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर ईको ग्रीन


निर्देश दिए हैं
सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डालने से पहले ट्रांसफर स्टेशन पर ईको ग्रीन को व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। ट्रांसफर स्टेशन पर जब सिस्टम विकसित होगा, तभी घरों से कलेक्शन करते समय सूखा और गीला कचरा सही ढंग से अलग हो सकेगा।
संदीप माकिन, निगमायुक्त

रिज़वान खान
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