महंगा हुआ कच्चा माल, उद्योगों पर 40 फीसदी तक का अतिरिक्त बोझ

कोरोना संक्रमण काल में उद्योग-धंधे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। जैसे-तैसे उद्योगों ने रफ्तार पकड़ी तो महंगाई मुसीबत बन गई। अब स्टील, तांबा, एल्युमिनियम आदि कच्चे माल की कीमतें आसमान छू...

ग्वालियर. कोरोना संक्रमण काल में उद्योग-धंधे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। जैसे-तैसे उद्योगों ने रफ्तार पकड़ी तो महंगाई मुसीबत बन गई। अब स्टील, तांबा, एल्युमिनियम आदि कच्चे माल की कीमतें आसमान छू रही हैं। उद्यमियों के मुताबिक पिछले दो महीने के भीतर ही कच्चा माल 30 से 40 फीसदी तक महंगा हो गया है। ऐसे में जिस फैक्ट्री में महीने भर में दो करोड़ रुपए का कच्चा माल आता था, अब उसे इसी माल के लिए 80 लाख रुपए तक अधिक चुकाना पड़ रहे हैं। इसके साथ ही दो करोड़ के रॉ मटेरियल पर 36 लाख रुपए का जीएसटी लगता था, वो अब बढ़कर 43 लाख रुपए हो गया है। ऐसे में तीन शिफ्टों में 24 घंटे तक काम करने वाले कई उद्योग अब महज 8 घंटे की सिंगल शिफ्ट में ही काम कर रहे हैं। लिहाजा, उद्यमियों ने सरकार से रियायत देने की मांग की है।


ऐसे उठाना पड़ रहा नुकसान
कच्चे माल के बढ़े हुए दाम के कारण उद्यमियों के कई प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि अधिकांश उद्यमी पुराने ऑर्डर पर काम कर रहे हैं। भाव इतने बढ़ जाएंगे इसका आंकलन उद्यमियों को पहले नहीं था। इस कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है और कई तो कुछ समय के लिए काम तक बंद करने का मन बना रहे हैं।


देश के बाहर कच्चा माल भेजने से बन रहे ऐसे हालात
जानकारी के मुताबिक भारत का कच्चा माल भारतीय उद्योगों को देने की बजाय बाहर भेजा जा रहा है। इसके चलते कच्चा माल लगातार महंगा होता जा रहा है। इसके लिए हाल ही में इंडियन इलेक्ट्रिक ऐसोसिएशन ने सरकार को लिखा है कि छह माह के लिए कच्चे माल को भारत से बाहर न भेजा जाए जिससे यहां के उद्योगों का नुकसान बचाया जा सके। इसके चलते जल्द ही सरकारी निर्माण कार्य जैसे हाइवे, पुल निर्माण, रेलवे के पुल निर्माण का कार्य भी बंद हो सकता है।


11700 रुपए टन महंगा हुआ बिलेट लोहा
लोहा बनाने में कच्चे माल के रूप में बिलेट लोहे का उपयोग किया जाता है। इसे छत्तीसगढ़ के रायपुर में तैयार किया जाता है। जो बिलेट लोहा 21 अगस्त 2020 को 29000 रुपए प्रति टन बिक रहा था, 4 जनवरी 2021 को दोपहर 3.30 बजे उसके दाम 40700 रुपए प्रति टन पर थे। वहीं लॉकडाउन से बाद 07 जुलाई को यही बिलेट लोहा 27300 रुपए प्रति टन था।


ऐसे बढ़े धातुओं के दाम
धातु - दो माह - पूर्व अब
एल्युमिनियम - 190 - 225
तांबा - 500 - 630
लोहा - 34 - 55
पीतल - 300 - 350
पेट रेजीन - 65 - 82
(नोट - सभी दाम प्रति किलो में)


बंद हो जाएंगे 50 फीसदी लघु उद्योग
34 रुपए किलो फ्लेट लोहे की पत्त 55 रुपए हो गई है। जबकि सरकारी विभागों ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है। ऐसे में उद्योग चला पाना संभव ही नहीं हो पा रहा है। यदि जल्द ही दाम कम नहीं हुए तो 50 फीसदी लघु उद्योग अगले एक माह के भीतर बंद हो जाएंगे।
आशीष वैश्य, सचिव, श्यामा प्रसाद औद्योगिक क्षेत्र

रिज़वान खान Desk
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