REPUBLIC DAY 2018: यूथ बनाएंगे मजबूत तंत्र, पढि़ए ये अद्भुत कार्य की कहानियां

आज के युवा देश का भविष्य हैं। वे अपने प्रयास से दुनिया बदल सकते हैं। उनकी सोंच एक नया सवेरा ला सकती है। आज जरूरत

By: Gaurav Sen

Published: 26 Jan 2018, 10:14 AM IST

आज के युवा देश का भविष्य हैं। वे अपने प्रयास से दुनिया बदल सकते हैं। उनकी सोंच एक नया सवेरा ला सकती है। आज जरूरत है और भी अधिक मजबूत तंत्र की, जिसके लिए शहर के युवा काम कर रहे हैं। वह अपने प्रोफेशन के साथ देश एवं समाज को नई दिशा पर ले जाने को प्रयासरत है। वह खुद का भविष्य संवारने के साथ समाज को सही राह पर चलने, बच्चों को पढऩे के साथ स्वच्छता, स्वास्थ्य व भ्रष्टाचार मुक्त शहर केलिए अवेयर कर रहे हैं, जिससे मजबूत तंत्र का निर्माण हो सके। एेसे शहर में कई ग्रुप हैं, जो पढ़ाई करने के साथ ही यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


३० डेस्टिनेशन पर ४०० बच्चे हो रहे एजुकेट
देश पढ़ेगा, तभी आगे बढ़ेगा... इस बात को आज के युवा समझते हैं। यही कारण है शहर के कई ग्रुप खुद इंजीनियरिंग, मेडिकल, एमबीए की पढ़ाई करने के साथ स्लम बच्चों को शहर के विभिन्न डेस्टिनेशन पर फ्री में पढ़ाते हैं। शहर के ३० डेस्टिनेशन पर लगभग ४००० बच्चे एजुकेट हो रहे हैं। एक ग्रुप में २० से ६० स्टूडेंट्स हैं, जो बारी-बारी से क्लास लेते हैं।


विदेश से जॉब छोड़ शहर में इनोवेशन
शहर के यंगस्टर्स विदेश में सेवाएं दे रहे हैं। उनके इनोवेशन की चर्चा पूरे देश में होती है। शहर के कई युवा एेसे हैं, जो विदेश से जॉब छोड़कर ग्वालियर आए और एंटरप्रेन्योर बनकर लोगों को रोजगार दिया तो इनोवेशन कर पिता के ट्रेडिशनल पैटर्न को तोड़ा। एेसे युवा शहर में लगभग १५० हैं।


दस युवा ग्रुप ने उठाई इलाज की जिम्मेदारी
देश का विकास तभी होगा जब हम पूरी तरह स्वस्थ होंगे। आर्थिक तंगी के चलते इलाज नहीं करा पाते। एेसे लोगों को हॉस्पिटल पहुंचाने से लेकर उन्हें पूरा ट्रीटमेंट देने तक की जिम्मेदारी युवाओं ने ली है। खुद की टीम बनाई और फस्र्ट एड लेकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, स्लम एरिया पहुंचे व उन्हें एडमिट कराते हैं। हॉस्पिटल में पहुंच मरीजों की मदद करते हैं। शहर में एेसे १० ग्रुप हैं।

करप्शन रोकने को बढ़ाया कदम
करप्शन देश को खोखला कर रहा है। देश तभी प्रगति करेगा, जब करप्शन पूरी तरह से खत्म होगा। इसके लिए युवा वर्ग आगे आ रहा है। पिछले दो साल में शहर के लगभग २५ परसेंट युवा जागरूक हुए हैं। वह खुद भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं होते और विरोध करने वाले लोगों का हर तरह से साथ देते हैं। शहर में एेसे ४ ग्रुप हैं।

 

15 ग्रुप में 200 युवा कर रहे अवेयर

स्वच्छ भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर घर-आंगन स्वच्छ होगा। इसी थीम पर शहर के युवाओं की कई टीम काम कर रही हैं। वह न सिर्फ शहर का कचरा साफ करते हैं, बल्कि लोगों को कचरा न फैलाने को लेकर अवेयर भी करते हैं। शहर में १५ ग्रुप में २०० युवक इस दिशा में काम कर रहे हैं।

Gaurav Sen
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