रिटायर्ड एसडीओ ने लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारी

सुसाइड नोट में बहू को बताया मौत का जिम्मेदार
पलंग पर खून से लथपथ पडा मिला शव

By: Puneet Shriwastav

Updated: 03 Mar 2021, 01:31 AM IST

ग्वालियर। कृषि विभाग से रिटायर्ड एसडीओ ने मंगलवार सुबह लाइसेंसी दोनाली बंदूक से खुद को गोली मारी। बंदूक की नाल को गर्दन से सटा पैर से ट््रेगर दबाया तो उसका चेहरा और सिर का पिछला हिस्सा उड गया। गोली का धमाका सुनकर पत्नी उनके कमरे में गईं तो दरवाजा अंदर से बंद था। पडोसी और रिश्तेदारों को बुलाकर कुंडी तोडी तो उनका शव खून से लथपथ पडा मिला। तलाशी में कमरे से सुसाइड नोट भी मिला उसमें बहू, उसके भाई दो भाइयो सहित समिधि को उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार बताया और पुलिस ने इन लोगों पर कार्रवाई के लिए कहा है।
विनयनगर सेक्टर चार में मैरिज गार्डन के पास रहने वाले राजेन्द्र सिंह किरार ६३ ने सुसाइड कर लिया। राजेन्द्र सिंह कृषि विभाग में एसडीओ थे। रिटायर होने के बाद पत्नी गीता के साथ यहां रहते थे। उनका बडा बेटा चेतन सिंह शिवपुरी में कॉलेज में प्रोफेसर और छोटा विवेक सिंह एजी ऑफिस में है। गीता सिंह ने पुलिस को बताया पति राजेन्द्रसिंह सुबह जल्दी उठे थे। फिर टहलने गए वहां से वापस लौटकर कमरे में चले गए। चाय पी फिर कमरा बंद कर लिया। उसके बाद गोली का धमाका सुनाई दिया। जिस लाइसेंसी बंदूक से सुसाइड किया उसे अपने कमरे में ही रखते थे।
सुसाइड नोट में लिखा बहू, समिधि करते थे प्रताडित
राजेन्द्र सिंह के सुसाइड की सूचना पर पुलिस और फोरेसिंक टीम उनके घर पहुंच गई। तलाशी में सुसाइड नोट मिला इसमें राजेन्द्र सिंह ने लिखा ३० सितंबर को रिटायर्ड हो गए थे। घर लौटने पर बहू प्रीति से व्यथित थे। बहू बिना वजह प्रताडित करती थी, खाना नही देती थी, अपशब्द बोलती थी। रोकने पर मारपीट तक पर उतारू होती थी। उन पर बहू ने चोरी तक के इल्जाम लगाए। लेकिन इज्जत और समाज में सम्मान की वजह से चुपचाप सहन करते रहे। राजेन्द्र सिंह ने सुसाइड नोट में लिखा हद तब हो गई परिवार के सदस्य सरपंच की बहू पर भी उनके सामने आरोप लगाए गए। उनकी बेइज्जती की गई। इसी तरह की कुछ और बातों को फेसबुक पर दर्ज कर बेइज्जती की गई।
३ जुलाई को बहू प्रीति के भाईयों ओर पिता ने उनके घर पर आकर मारपीट की। उसके बाद भी बहू प्रीति का मन नहीं भरा। ४ फरवरी को पिता और भाईयों के साथ मिलकर बहू ने शिवपुरी महिला थाने में शिकायत भी की। ग्वालियर में भी पुलिस से उनकी झूठी शिकायतें की। बहू प्रीति और उसके मायके वाले उनकी संपति हडपना चाहते थे इसलिए उन पर प्रताडित कर दवाब बना रहे थे। नोट में राजेन्द्र सिंह ने लिखा है कि बहू प्रीति के पिता परमाल सिंह, भाई प्रमोद उर्फ चिंटू और मनीष साफ धमकी देते थे संपति प्रीति के नाम करो वरना बर्वाद कर देंगे इन लोगों की वजह से सामाजिक हत्या हो चुकी है। अब जीने की इच्छा नहीं है। इसलिए सुसाइड कर रहे हैं। मौत का जिम्मेदार बहू, उसके पिता परमाल और भाई है इन पर कार्रवाई की जाए।
तलाशीी में मिला सल्फास, बंदूक में जिंदा कारतूस
राजेन्द्र सिंह ने गोली मारने से पहले सल्फास खाकर सुसाइड का प्रयास भी किया, लेकिन फिर जहर नहीं खाया। उनके कमरे की तलाश में पुलिस को शव के पास सल्फास की डिब्बी भी मिली है। पंलग पर चाबी का गुच्छा भी मिला है। फोरेसिंक एक्सपर्ट अखिलेशन भार्गव ने बताया कि जिस बंदूक से राजेन्द्र सिंह ने खुद को गोली मारी वह डबल बैरल है। उसमें दो कारतूस लोड कर राजेन्द्र सिंह ने खुद को गोली मारी। लेकिन एक गोली फायर होने पर उनका चेहरा और सिर का हिस्सा उड गया। दूसरी गोली फायर करने का मौका नहीं मिला। दूसरा जिंदा राउंड बंदूक में ही फंसा मिला।
इनका कहना है
रिटायर्ड एसडीओ ने खुद को गोली मारकर सुसाइड किया है। उनके कमरे की तलाशी लेने पर सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें कुछ पारिवारिक बातें और परिवार के सदस्यों पर प्रताडित करने की बात लिखी है। इस आधार पर केस की जांच की जा रही है।
नागेन्द्र सिंह सीएसपी ग्वालियर सर्किल

Puneet Shriwastav Reporting
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