निजी बोरिंग से पानी नहीं मिलने से फैली अफरा-तफरी

shyamendra parihar

Publish: Sep, 16 2017 05:18:55 (IST)

Gwalior, Madhya Pradesh, India
निजी बोरिंग से पानी नहीं मिलने से फैली अफरा-तफरी

आंतरी नगर पंचायत में गंभीर पेयजल संकट के हालात, ग्रामीणों को टैंकरों के जरिए हो रही थी आपूर्ति। बोरिंग के मालिक ने पानी देने से किया इंकार।

ग्वालियर.दस हजार की आबादी वाली आंतरी नगर पंचायत में शुक्रवार को अचानक निजी बोरिंग से जलापूर्ति बंद कर दी गई। इससे परिषद के छह वार्ड में अफरा-तफरी के हालात दिखाई दिए। पानी न मिलने से लोग खासे परेशान दिखे। दरअसल पानी के चलते इस प्राइवेट बोरिंग को नगर पंचायत ने किराए पर ले रखा है। इससे हर दिन पानी टैंकरों के जरिए सप्लाई किया जा रह ाहै।

नगर पंचायत के स्वयं के जल स्रोतों से पानी कम होने और पेयजल की आपूर्ति नहीं कर पाने की स्थिति में मई माह में नगर परिषद ने गर्मी के दौरान तीन माह के लिए लालसिंह कुशवाह के निजी बोरिंग को किराए से लेकर टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू की थी। गुरुवार को लालसिंह ने बिना सूचना के अपने निजी बोरिंग से पानी देना बंद कर दिया जिससे वार्डों में संकट गहरा गया है।

स्थानीय निवासी राजू झा, गोपालसिंह, केशवसिंह, जीवन और हेमंत ने बताया कि वार्ड क्रं.२,४,६,१०,१४, १५ आदि कई वार्ड पूरी तरह से पानी के टैंकर पर निर्भर है और यहां नल भी नहीं आते है जिससे सबसे अधिक पानी संकट है शुक्रवार को लोगों ने पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा।

इधर, डबरा में दीदार कॉलोनी क्षेत्र में पानी का टैंकर नहीं पहुंच रहा है। वहां के निवासी संतोष सारावगी और राकेश सोनी ने बताया कि पानी का टैंकर नहीं पहुंचने से दूर लगे हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है।

नए बोर कराएंगे
नगर पंचायत के सीएमओ रामबाबू गुप्ता के मुताबिक तीन माह का एग्रीमेंट था लेकिन क्या मालूम था कि बारिश नहीं होगी और जल स्तर गिरता ही जाएगा। जिससे नगर पंचायत पानी किराए से ले रही थी उसने अब पानी देना बंद कर दिया है। इस संबंध में जहां जल स्रोत के माध्यम है वहां से पानी लाने के प्रयास किए जा रहे है और दो नए बोर कराए जाएंगे

बोरिंग का प्रतिमाह साढ़े दस हजार किराया
आंतरी में ५० फीसदी हैंडपंप खराब है जिस कारण नगर परिषद ने मई माह से प्रतिदिन १५ टैेंकरों से पानी का परिवहन कार्य शुरू कराया। हालांकि अनुबंध के मुताबिक प्रतिदिन ३० टैंकर पानी भरने था और इसकी एवज में प्रतिमाह नगर पंचायत को १० हजार ५०० रुपए दिए जाने का अनुबंध किया गया था।

 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned