हर रोज 10 हजार बच्चों को नहीं लग पा रहे रोटा वायरस के टीक, पूरे जिले में वैक्सीन का टोटा

हर रोज 10 हजार बच्चों को नहीं लग पा रहे रोटा वायरस के टीक, पूरे जिले में वैक्सीन का टोटा

Rahul rai | Publish: Aug, 12 2018 07:42:41 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

सप्लाई में देरी के कारण वैक्सीन पिछले एक सप्ताह से खत्म है। वैक्सीन आने में अभी करीब पांच दिन लगेंगे।

ग्वालियर। रोटा वायरस डायरिया से बच्चों को बचाने वाली वैक्सीन की सप्लाई प्रभावित होने से हर रोज करीब 10 हजार बच्चे रोटा वायरस टीके से छूट रहे हैं। जिले भर में वैक्सीन का टोटा पड़ गया है।

 

बाजार में इस वैक्सीन की तीन खुराक की कीमत करीब 5 हजार रुपए है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से वैक्सीन की सप्लाई होती है, सप्लाई में देरी के कारण वैक्सीन पिछले एक सप्ताह से खत्म है। वैक्सीन आने में अभी करीब पांच दिन लगेंगे।


बच्चों को डेढ़, ढाई और साढ़े तीन माह की उम्र में वैक्सीन की पांच-पांच बूंद पिलाई जाती हैं। जिले में साल भर में करीब 40 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। इसमें से हर रोज करीब 10 हजार बच्चों को इस वैक्सीन की जरूरत पड़ती है, लेकिन वैक्सीन न होने के कारण परिजनों को बाजार से टीके लगवाने पड़ रहे हैं, इससे आर्थिक भार पडऩे से लोग परेशान हैं।

 

कई माता-पिता आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को टीके लगवाने के लिए अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें बाद में आना, अभी टीके नहीं हैं, कहकर चलता किया जा रहा है।

 

बच्चों पर वायरस का अटैक न हो जाए, इसको लेकर माता-पिता चिंतित हैं। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए जल्द कोई प्रबंध नहीं कर पा रहा है, अगर टीके आने में देरी होती है तो यह बच्चों के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।

 

ये होता है रोटा वायरस
छोटे बच्चों में रोग का एक प्रमुख कारण डबल-स्टैंडेड आरएनए विषाणु की एक जाति है। लगभग पांच वर्ष की आयु में विश्व के लगभग सभी बच्चे रोटा वायरस से कम से कम एक बार अवश्य संक्रमित होते हैं। बच्चों में करीब चालीस प्रतिशत दस्त रोटा वायरस से लगते हैं। वायरस से इंफेक्शन होने पर बच्चों को अस्पताल दाखिल भी करवाना पड़ता है तथा कई बार स्थिति गंभीर होने पर बच्चे की मौत भी हो जाती है।

 

रोटा वायरस वैक्सीन की सप्लाई न होने के कारण दिक्कत आ रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, जल्द ही वैक्सीन आने की संभावना है।
डॉ.आरके गुप्ता, जिला टीकाकरण अधिकारी

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