शराबंदी को लेकर एकजुट हुए संत, बोले बंद हों ठेके

मुरैना. तीन माह पूर्व मुरैना में जहरीली शराब से दो दर्जन से अधिक मौतों के बाद हाल ही में भिण्ड और ग्वालियर में हुए हादसों से संत समाज व्यथित है। मुरैना कांड के बाद पूर्ण शराबबंदी की मुहिम चला रहे संत हरिगिरि के शिष्यों और अनुयायियों ने शनिवार को पूर्ण शराबंदी के लिए एक बार फिर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया।

By: Vikash Tripathi

Published: 03 Apr 2021, 11:42 PM IST

नशा परिवार का करता है नाश
संत लालगिरि के साथ मुरैना पहुंचे संतों ने पहले जीवाजी गंज के पार्क में बैठककर शराब बंदी पर मंत्रणा की और बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। संत समाज ने कहा कि जहरीली शराब और नशे से कई परिवारों को दुष्परिणाम भुगतने पड़े हैं। इस कारण मप्र में संत हरिगिरि ने चंबल आश्रम मुरैना से शराबबंदी की मुहिम शुरू की है। इसे गांवों में भरपूर समर्थन मिल रहा है। चार वर्ष से प्रत्येक ग्राम पंचायत इस मुहिम से जुड़कर मप्र में शराब बंदी के लिए प्रयासरत है।
समाज के लिए घातक
संतों ने कहा कि मध्यप्रदेश में शराब के सेवन से हुई घटनाओं से मुख्यमंत्री स्वयं अवगत हैं। कई परिवार नष्ट हो चुके हैं। कई परिवार नष्ट होने की कगार पर हैं। शराब समाज के लिए अभिशाप है, जिसे समय रहते खत्म नहीं किया गया तो समाज के लिए घातक सिद्ध होगी। शराबबंदी मुहिम को लेकर संत हरिगिरि के ओदश पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
नहीं दिया जाए शराब का ठेका
जिले के नागरिकों की ओर से ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2021-22 के लिए मुरैना जिले की किसी भी ग्राम पंचायत में शराब का ठेका न दिया जाए। यदि किसी भी ग्राम पंचायत में शराब का ठेका दिया गया या दुकान खोली गई तो समाज का माहौल खराब होगा और युवाओं का भविष्य खराब होगा। शराब बंदी मुहिम से जुड़कर समाज के लगभग सभी ोग शराब से तौबा कर चुके हैं व शराब बंदी में सहयोग कर रहे हैं। मुरैना में यदि शराब बंदी की जाए तो प्रत्येक ग्राम पंचायत के लोग अवैध तस्करी करने पर लोक लगाने में सहयोग प्रदान करेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि किसी भी ग्राम पंचायत में शराब का ठेका न दिया जाए और मुरैना जिले के साथ पूरे प्रदेश में शराबंदी लागू की जाए।

Vikash Tripathi
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