हर माह 17 हजार रुपए मिल रहा वेतन, अटेंडेंस रजिस्टर में नाम नहीं, कार्यालय भी नहीं आते टेली अकाउंट ऑपरेटर

- मामला ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण का, बरस रही लेखापाल की कृपा

By: Narendra Kuiya

Published: 13 Sep 2021, 09:20 AM IST

ग्वालियर. ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण कार्यालय में इन दिनों मनमानी का दौर चल रहा है। मेला कार्यालय में पिछले कई वर्षों से कार्यरत टेली अकाउंट ऑपरेटर न तो कभी कार्यालय आते हैं और न ही उनका नाम हाजिरी रजिस्टर में अंकित है। फिर भी मेला प्राधिकरण की ओर से टेली अकाउंट ऑपरेटर को हर महीने 17 हजार रुपए का वेतन दिया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बगैर कार्यालय आए वेतन आवंटन के इस मामले में प्राधिकरण के लेखापाल की मेहरबानी बताई जाती है। मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष के न होने से इस तरह की मनमानियां की जा रही हैं।

ये है मामला
ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण में कलेक्टर रेट पर टेली अकाउंट ऑपरेटर के रूप में कार्यरत राजेश जैन की अनुपस्थिति और कार्यशैली से असंतुष्ट संचालक मंडल ने उन्हें जुलाई-2017 में हटा दिया था। लेखापाल अनिल राठौर ने इन्हें पुन: रखवाने के लिए 21 फरवरी 2019 को मेला सचिव से नोटशीट स्वीकृत कराई, जबकि नियमानुसार ये काम अध्यक्ष को करना होता है। इसके साथ ही उनकी ओर से राजेश जैन का वेतन 12 से 14 हजार बढ़ाने के लिए भी 21 फरवरी और 30 मई 2019 को नोटशीट प्रस्तुत की गई। तीन माह में ही उनका वेतन बढ़ा दिया गया और साथ ही पुराना वेतन भी दे दिया गया। इसकी आपत्ति स्थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा जून-2020, अगस्त-2020 और नवंबर-2020 में अंकित की गई थी।

39 लाख से अधिक टैक्स रिफंड अटका
टेली अकाउंट ऑपरेटर के रूप में कार्यरत राजेश जैन के कारण ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण का 39 लाख 44 हजार 924 रुपए का टीडीएस रिफंड अटका पड़ा है। ये रकम 31 मार्च 2020 से नहीं मिल सकी है। इस राशि को प्राधिकरण के खाते में रिफंड कराने के लिए तत्कालीन अध्यक्ष और दो पूर्व सचिव ने राजेश जैन को मौखिक रूप से कहा था। इसके साथ ही मेला प्राधिकरण सीए ने भी रिफंड के लिए कहा है, पर अभी तक ये रकम मेला प्राधिकरण को प्राप्त नहीं हो सकी है।

दो खातों से मिल रहा वेतन
टेली अकाउंट ऑपरेटर को मेला प्राधिकरण के दो खातों से वेतन दिया जा रहा है। पहला खाता एसबीआइ से 14 हजार रुपए और दूसरा एचडीएफसी बैंक से चेक के माध्यम से 3 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। बताया जाता है कि 3 हजार रुपए की रकम रिटर्न आदि कार्यों के लिए दी जा रही है। मेला प्राधिकरण के कार्य की कमान के साथ-साथ जैन एक कोल फैक्ट्री में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

रोज सुबह जाता हूं
मेरा कलेक्टर रेट से कोई मतलब नहीं है। मैं तो कॉन्टेक्ट रेट पर काम करता हूं और रोजाना सुबह के समय मेला कार्यालय भी जाता हूं और दूसरी किसी भी जगह सेवाएं नहीं दे रहा हूं।
- राजेश जैन, टेली अकाउंट ऑपरेटर, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण

Narendra Kuiya Reporting
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