सावधान! कहीं आपसे तो कॉल करके नहीं ले रहे इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी

- साइबर क्राइम : पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी का झांसा देकर रकम हड़पने की साजिश

By: Narendra Kuiya

Published: 17 Oct 2020, 01:30 PM IST

ग्वालियर. सर, आपकी आठ वर्ष पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी को कंपनी रिन्यू कर रही है। इसके लिए आपको कुछ रकम जमा करनी होगी। कुछ इसी तरह के फोन इन दिनों शहरवासियों के पास आ रहे हैं। फोन करने वाला अपने आप को पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस, एचडीएफसी इंश्योरेंस की ओर से बताता है और पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी को फिर से रिन्यू करने की बात कहता है। इस तरह के फर्जी व धोखाधड़ी वाले कॉल कई लोगों को आ चुके हैं। पत्रिका एक्सपोज ने ऐसे सभी लोगों से बात की, मजे की बात तो यह है कि जिन लोगों के पास ये फोन आए हैं उन्होंने ऐसी कोई पॉलिसी कभी ली ही नहीं थी।

केस - 1
मप्र चैंबर ऑफ कॉमस एंड इंडस्ट्री के कोषाध्यक्ष वसंत अग्रवाल के मोबाइल पर पूजा नामक महिला ने फोन किया और कहा कि आपने वर्ष 2013 में 50 हजार रुपए पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस में पॉलिसी में जमा किए थे। अब सात वर्ष बाद आपकी पॉलिसी लेप्स होने जा रही है। इसे बनाए रखने के लिए आपको 1 लाख 38 हजार रुपए जमा करने होंगे। रकम के भुगतान के लिए वसंत ने नकद रुपए देने के लिए कहा तो कॉल करने वाली महिला ने सीनियर से बात करने के लिए कहा। इसके बाद कई बार उसके फोन आए। वहीं वसंत का कहना है कि मेरी ऐसी कोई पॉलिसी ही नहीं है।

केस - 2
रॉक्सी पुल जनक अस्पताल के पास रहने वाले कपड़ा कारोबारी जगदीश अग्रवाल के पास कॉल आता है। सामने वाला व्यक्ति उनसे कहता है कि आप जगदीश अग्रवाल बोल रहे हैं क्या, आपकी वर्ष 2013 की पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी लैप्स होने वाली है। इसकी रकम 50 हजार रुपए जमा कराकर रिन्यू करा लीजिए। जगदीश ने कॉल करने वाले से कहा कि पहले आप पॉलिसी तो भेजिए, वह तो मुझे अभी तक मिली ही नहीं है। बाद में बहस होने के बाद कॉल करने वाले व्यक्ति ने फोन पर यह कहते हुए कि आपकी पॉलिसी को लैप्स कर रहे हैं और फोन काट दिया।

केस - 3
निम्बालकर की गोठ निवासी प्रशांत दुसेजा की कपड़े की दुकान है। उनके पास भी किसी महिला का फोन आता है जिस पर वह कहती है कि 2012 में आपने पॉलिसी कराई थी उसे रिन्यू नहीं कराया है। इस पर प्रशांत ने कहा कि मुझे अभी रिन्यू नहीं करानी है। इसके बाद दूसरे व्यक्ति का फोन आता है और वह कहता है कि आपने 50 हजार रुपए प्रीमियम जमा की थी, आपको रिन्यू कराना ही होगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो आपको सैटलमेंट करना होगा। आपकी ये पॉलिसी 1 लाख 80 हजार की मैच्योरिटी भी हो चुकी है। प्रशांत ने कहा कि मेरे पास रुपए ही नहीं है। एक ही दिन में इस तरह से चार बार फोन आए तब अंत में प्रशांत ने कहा कि पॉलिसी की मैच्योरिटी की रकम में से अपनी रकम काटकर मुझे मेरी बाकी रकम दे दीजिए।

मैसेज करके एक-दूसरे को सावधान कर रहे
शहर में इस तरह के फर्जी कॉल्स कई लोगों के पास आए हैं। ऐसे कॉल्स ज्यादातर व्यापारी वर्ग के पास आ रहे हैं। जिन लोगों के पास भी इस तरह के कॉल्स आए हैं, उन्होंने जागरूकता दिखाते हुए किसी तरह की कोई रकम जमा नहीं की है। इसके साथ ही वे सोशल मीडिया के जरिए दूसरे लोगों को भी इस तरह के फर्जी कॉल्स से बचने के लिए सावधान कर रहे हैं।

चैंबर ने उच्च स्तरीय जांच के लिए एसपी को पत्र लिखा
शहर के कारोबारियों पर फ्रॉड की मंशा के साथ आ रहे कॉल के लिए मप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पत्र लिखकर एसपी अमित सांघी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। चैंबर के पदाधिकारियों की ओर से मांग की गई है कि कारोबारियों के साथ आमजन के साथ होने वाली धोखाधड़ी से बच सकें, इसके लिए जहां से ये फोन आ रहे हैं उन नंबरों की जांच-पड़ताल की जानी चाहिए।

ऐसे फोन कॉल्स की स्पेम रिपोर्ट कराएं
फोन और इंटरनेट के माध्यम से ठगी करने वाले अपराधियों द्वारा इस तरह के कॉल किए जाते हैं, जिससे आमजन लालच में आकर उनकी बातों में आ जाएं और रुपए जमा करा दें। इस तरह के फर्जी कॉल्स से सभी को सावधान रहना चाहिए, यथा संभव उसे जल्दी से डिस्कनेक्ट कर दें और ऐसे लोगों की बातों में न आएं। इसके साथ ही ऐसे नंबर की स्पेम रिपोर्ट कर दें।
- सुधीर अग्रवाल, एसपी, सायबर सेल

Narendra Kuiya Reporting
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