एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में निकाला पैदल मार्च, युवक ने खुद पर पेट्रोल छिडकक़र की खुदकुशी की कोशिश

एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में निकाला पैदल मार्च, युवक ने खुद पर पेट्रोल छिडकक़र की खुदकुशी की कोशिश

Gaurav Sen | Publish: Sep, 09 2018 11:52:52 AM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में निकाला पैदल मार्च, युवक ने खुद पर पेट्रोल छिडकक़र की खुदकुशी की कोशिश

ग्वालियर/मुरैना/इंदौर. एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में शनिवार को ग्वालियर में निकाले गए पैदल मार्च में योगेन्द्र सिंह नामक व्यक्ति ने आत्मदाह के लिए अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया। सीएसपी देवेन्द्र सिंह कुशवाह ने उससे माचिस छीनकर समझाइश दी। बाद में वहां भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।


मुंशीलाल को आधे घंटे घेरा, नारेबाजी की, कालिख फेंकी : मुरैना में कुककुट विकास निगम के चेयरमैन मुंशीलाल को एक मैरिज गार्डन में आधे घंटे तक घेरे रखा। भाजपा नेता अशोक यादव के वाहन पर कालिख फेंकी गई। दोनों नेता 19 सितंबर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सम्मेलन की तैयारियों पर मंथन करने यहां पहुंचे थे।

एक्ट के विरोध में चार हजार लोगों ने किया तीन किमी तक पैदल मार्च

एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में शनिवार को सवर्ण-ओबीसी संगठनों ने महाराजा मानसिंह चौराहे से विजयाराजे सिंधिया चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। मार्च में चल रहे लोगों ने मांग की कि एट्रोसिटी एक्ट जैसा काला कानून हटाया जाए। लगभग तीन किलोमीटर तक निकले मार्च में 4 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। मार्च के समापन पर संगठनों के प्रतिनिधियों ने विरोध जारी रखने का ऐलान किया और 19 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने पर काले झंडे दिखाने की बात कही। मार्च के बाद एडीएम संदीप केरकेट्टा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

ट्रैफिक किया डाइवर्ट
गांधी रोड से स्टेशन की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को तानसेन होटल के सामने रोक दिया गया था, जबकि यूनिवर्सिटी चौराहे से राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान, बीएसएनएल, आयकर भवन की ओर जाने वाले वाहनों को लेफ्ट साइड की रोड पर नहीं जाने दिया गया। हाईकोर्ट से आने वाले वाहनों को सीधे एजी ऑफिस की ओर निकाला गया। तानसेन होटल के सामने से राजमाता चौक की ओर जाने वाले वाहनों को वहीं रोक दिया गया था। इसके अलावा एजी ऑफिस की ओर से सिटी सेंटर की ओर जाने वाले वाहनों को लेफ्ट साइड की रोड से नहीं जाने दिया गया। हाईकोर्ट की ओर जाने का रास्ता भी लगभग एक घंटे तक ब्लॉक रखा गया।

लगातार चल रहा विरोध
एक्ट में संशोधन के विरोध में 6 सितंबर को भारत बंद किया गया था। इससे पहले 5 सितंबर को भाजपा की संभागीय बैठक में मंत्री और भाजपा नेताओं को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रकट किया गया था। इसके बाद शनिवार को पैदल मार्च निकाला गया।


सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को पलटने पर गुस्सा, बोले...

संसद में जो लोग बैठे हैं, उनको हम यह बता देंगे कि हमारा भी सम्मान है। यह मार्च सवर्ण-ओबीसी वर्ग के सम्मान के लिए है और एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में है। यह तब तक जारी रहेगा, जब तक कि इस पर लिया गया निर्णय पलटा नहीं जाएगा।
महेश मुदगल, प्रतिनिधि-सवर्ण, ओबीसी समाज

एट्रोसिटी एक्ट पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को सरकार ने पलटा है, यह सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना की है। यह सभी समाजों के साथ-साथ न्यायालय का भी अपमान है। इसका विरोध ग्वालियर सहित सभी जगह किया जा रहा है।
अवधेश तोमर, अभिभाषक, एमपी हाईकोर्ट

मार्च की अनुमति दी थी

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। संगठनों को महाराजा मान सिंह चौराहे से राजमाता विजयाराजे सिंधिया चौराहे तक ही मार्च की अनुमति दी गई थी। किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए हमने पर्याप्त सुरक्षा बल का इंतजाम किया था।
संदीप केरकेट्टा, एडीएम

मार्च की अनुमति दी थी

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। संगठनों को महाराजा मान सिंह चौराहे से राजमाता विजयाराजे सिंधिया चौराहे तक ही मार्च की अनुमति दी गई थी। किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए हमने पर्याप्त सुरक्षा बल का इंतजाम किया था।
संदीप केरकेट्टा, एडीएम

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