स्कूल क्लर्क हडप गई फीस, यूनीफार्म का 44 लाख रूपया

बैंक की नकली सील लगाकर थमाती रही फीस की रसीद
ठगी पकडी गई तो फरार हुई क्लर्क

By: Puneet Shriwastav

Published: 16 Oct 2020, 12:04 AM IST

ग्वालियर। निजी स्कूल की महिला क्लर्क ने 44 लाख रू का फरेब कर दिया। शक नहीं हो इसलिए बैंक की फर्जी रसीद बनाकर बच्चों को थमाती रही। करीब ढाई साल बाद उसका फर्जीवाडा पकडा गया। जब स्कूल प्रिसिंपल ने उससे हिसाब बताने को कहा तो भाई के एक्सीडेंट का हवाला देकर गायब हो गई।


पुलिस ने बताया चौहान प्याउ, थाटीपुर पर अमरसिंह चौहान का स्कूल है। निवाडी निवासी चांदनी राजा बुंदेला को क्लर्क की पोस्ट पर आई थी। अमर सिंह ने उसे बच्चों की फीस वसूलने और उसे जमा करने का काम दिया था इसके अलावा कुछ दिन बाद स्कूल से यूनीफार्म भी बच्चों को बेचने का जिममा थमाया। पेसा हाथ में आया तो चांदनी की नीयत बिगड गई। एएसआई रामेश्वर कौशल ने बताया कि स्कूल की फीस विजया बैंक की सिटी सेंटर शाखा में जमा होती है। चांदनी रजिस्ट््रर में तो फीस का हिसाब किताब दर्ज करती रही। लेकिन बैंक में जमा नहीं करती थी।
फर्जी रसीद थमाकर देती रही चकमा
बच्चों से चांदनी फीस की रकम पूरी लेती थी, लेकिन बैंक में कुछ ही रकम जमा करती। धोखा देने के लिए उसने बैंक की फर्जी रसीद और सील का इंतजाम कर रखा था। बच्चों को यही रसीद थमाती थी। उस पर कोई गौर नहीं करता था। बच्चे और अभिभावक रसीद को असली समझ कर रखते रहे। यही हरकत स्कूल से बच्चों को बेची जाने वाली यूनिफार्म में करती रही। कुछ दिन पहले स्कूल में नए प्रिंसिपल की नियुक्ति हुई उन्होंने जब बैंक खाते और हिसाब किताब रजिस्टर का मिलान किया तो शक हुआ।
भाई के साथ हादसा हवाला देकर लापता
एएआई कौशल ने बताया प्रिंसिपल ने चांदनी से हिसाब किताब देने के लिए कहा तो ठग क्लर्क ने दूसरे दिन सारा हिसाब बताने का भरोसा दिलाया। लेकिन दूसरे दिन स्कूल पहुंचकर हवाला दिया कि उसके भाई का एक्सीडेंट हो गया है तो उसे निवाडी जाना पडेगा। उसके बाद वापस नहीं लौटी।
पुलिस का कहना है कि चांदनी पर गबन का केस दर्ज किया है। उसके साथ फरेब में स्कूल के कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं। जांच में सामने आएगा।

Puneet Shriwastav Reporting
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