सुशासन एक्सप्रेस के लिए सत्रह एलएचबी कोच आए, जल्द होंगे शुरू

ट्रेनों में यात्रियों को सभी सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए रेलवे अब झांसी मंडल के ग्वालियर से चलने वाली सुशासन एक्सप्रेस में नए डिजाइन के एलएचबी लिंक हॉफमेन बुश कोच लगाने जा रही है। इन कोचों की विशेषता है कि पटरियों पर...

ग्वालियर. ट्रेनों में यात्रियों को सभी सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए रेलवे अब झांसी मंडल के ग्वालियर से चलने वाली सुशासन एक्सप्रेस में नए डिजाइन के एलएचबी लिंक हॉफमेन बुश कोच लगाने जा रही है। इन कोचों की विशेषता है कि पटरियों पर दौड़ते समय अंदर बैठे यात्रियों को ट्रेन के चलने की आवाज बहुत कम आती है। इसमें पावर ब्रेक भी लगाए गए हैं। इसके लिए एसी कोच पहले ही आ चुके हैं। अब एसी और स्लीपर कोच मिलाकर सत्रह कोच रेल डिब्बा कारखाना रायबरेली से तैयार होकर आ गए हैं। ट्रेन में आकर्षण नलों के साथ गेट और सीटें भी आधुनिक तरीके की लगाई गई हैं। रेलवे सूत्रों की माने तो एलएचबी कोच वाली इस ट्रेन को 14 सितंबर से चलाया जाएगा। झांसी मंडल में ग्वालियर से चलने वाली चंबल एक्सप्रेस के बाद अब यह दूसरी ट्रेन होगी। जिसमें एलएचबी को लगाए गए हैं। ग्वालियर से चंबल एक्सप्रेस को दिसंबर 2018 में शुरू किया गया था।


क्या होता है एलएचबी
रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन आरडीएसओ ने करीब दस साल पहले ऐसे कोच बनाए थे। जो आपस में टकरा न सकें। इन्हे लिंक हॉफमेन बुश एलएचबी कोच नाम दिया गया। इन टक्कर रोधी कोच का आलमनगर में सफर परीक्षण किया था। उसके बाद कोचों के डिजाइन में सुधार भी किया। एलएचबी कोचों और सीबीसी कपलिंग होने से ट्रेन के कोचों के पलटने और एक दूसरे पर चढऩे की गुंजाइश नहीं रहती है।


जनरेटर कार का इंतजार
सुशासन एक्सप्रेस में लगने के लिए एसी और स्लीपर कोच आ चुके हैं। इसमें अब ट्रेन के पीछे लगने वाले दो में से एक जनरेटर कार कोच का इंतजार है। इसके आने के बाद यह पूरी तैयार हो जाएगी। इसके बाद ग्वालियर से इस ट्रेन को चलाया जाएगा।

सुशासन एक्सप्रेस के लिए एलएचबी स्लीपर और एसी कोचआ चुके हैं। इन कोचों के साथ ट्रेन को कब चलाया जाना है इसका फैसला मुख्यालय से होगा। संभवत: यह ट्रेन शनिवार से चल सकती है।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल

रिज़वान खान Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned