अपनी उम्र से १०० गुना नेशनल और इंटरनेशनल अवॉर्ड पर शिराली का कब्जा

एमबीबीएस में अपने नाम कर चुकीं ३७ गोल्ड मेडल, अब रोबोटिक गाइनिकोलॉजिस्ट बनने का सपना

By: Mahesh Gupta

Updated: 07 Jul 2020, 08:23 AM IST

ग्वालियर.

नीट-2018 में ऑल इंडिया टॉप कर चुकीं ग्वालियर की बेटी

9 नेशनल, 6 इंटरनेशनल सहित 2541अवॉर्ड शिराली के नाम


जीआरएमसी (गजराराजा मेडिकल कॉलेज) ग्वालियर से एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) कर रहीं डॉ. शिराली रुनवाल (25 वर्ष) नीट-2018 में ऑल इंडिया गल्र्स टॉपर रहीं। उनका सपना फैलोशिप एंड रोबोटिक सर्जरी में रोबोटिक गाइनिकोलॉजिस्ट बनना है। इसके लिए वह एमएस के बाद दो साल विदेश में फैलोशिप करेंगी। इसके बाद इंडिया आकर सेवाएं देंगी। शिराली अभी तक 9 नेशनल, 6 इंटरनेशनल सहित 2541 अवॉर्ड पर अपना कब्जा जमा चुकी हैं। एमबीबीएस के दौरान उन्होंने 37 गोल्ड मेडल और प्रेस्टीजियस अवॉर्ड अपने नाम किए। वह वर्तमान समय में एमएस फाइनल ईयर की स्टूडेंट हैं और सीनियर रेजीडेंस सर्जिकल ऑफिसर की ड्यूटी भी निभा रही हैं।


फिल्म 'तारे जमीं परÓ में धूम मचा चुके शिराली के लिरिक्स

शिराली को शौक पढऩे के साथ ही लिखने और गाने में भी है। उनकी पोयम एनसीईआरटी, सीबीएसई और आइसीएससी बोर्ड में पब्लिश हो चुकी है, जिन्हें स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। हाल ही में उनकी पोयम 'लघुता की महत्ताÓ एनसीईआरटी के लिए सिलेक्ट हुई। शिराली को प्रेसीडेंट अवॉर्ड भी मिल चुका है। उनके तैयार किए लिरिक्स बम-बम बोले.... फिल्म 'तारे जमीं परÓ में धूम मचा चुके हैं। उन्हें ग्वालियर रत्न अलंकरण भी मिल चुका है।

हॉस्पिटल में ड्यूटी के साथ घर की जिम्मेदारी भी

शिराली पढ़ाई के साथ-साथ केआरएच की ड्यूटी और अपने घर की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं। क्योकि उनकी मां सुधा रुनवाल किडनी पेशेंट हैं और वह पिछले तीन साल से अपने भाई के यहां जयपुर में इलाज करा रही हैं। हालांकि उनका किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है और वह जल्द ही ग्वालियर आ जाएंगी। शिराली अपने पापा अरविंद रुनवाल के साथ रह रही हैं। कभी दिन तो कभी रात भर हॉस्पिटल की ड्यूटी और फिर घर की जिम्मेदारियां उन्हें निभानी होती हैं।


जिन प्रोग्राम में प्रतिभागी बनीं, अब उन्हीं का जजमेंट

शिराली ने महज 25 वर्ष की उम्र में एकेडमिक, आर्ट, कल्चर में बहुत से एचीवमेंट अपने नाम किए हैं। उन्होंने डिफरेंट एक्टिविटी में पार्टिसिपेट करने की शुरुआत ५ साल की उम्र से कर दी थी। शुरुआत में शिराली ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा होने वाले प्रोग्राम में बतौर प्रतियोगी के रूप में भाग लिया। अपने टैलेंट के बल से वह हमेशा विनर रहीं और आज उन्हीं प्रोग्राम में वह जजमेंट कर रही हैं। अपने इस टैलेंट का श्रेय उन्होंने अपने पैरेंट्स को दिया है।

नीट 2018 में रही ऑल इंडिया गल्र्स टॉपर

नीट-2018 में शिराली का 99.9999 परसेंटाइल था। उनके लिए एम्स सहित सभी दरवाजे ओपन थे, लेकिन उन्होंने जीआरएमसी को चुना। क्योकि उनकी मां जयपुर में थीं। कहीं पापा अकेले रहकर डिप्रेशन में न आ जाएं, इसलिए उन्होंने ग्वालियर को चुना।


अभी हाल के एचीवमेंट्स

ऑल इंडिया मेडिकल क्विज में सेकंड पोजीशन। लंदन की मासिक बाल पत्रिका में यंगेस्ट राइटर के रूप में चयन। ग्वालियर रत्न अलंकरण से नवाजा गया। इंदौर में वुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड। अभिनेता रवि किशन द्वारा मध्यांचल की अवॉर्ड क्वीन का खिताब। ग्वालियर की गार्गी अवॉर्ड। फेस ऑफ द ईयर अवॉर्ड मिल चुके हैं।

Mahesh Gupta
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