दुकानदारों का रोड पर कब्जा 60 फुट की सड़क रह जाती है 20 फुट, रोजाना लगता है जाम

करीब 60 फुट चौड़ी सड़क के एक तरफ दुकानों के आगे दुकानदारों का सामान और ग्राहकों के वाहन खड़े हो जाते है

By: Harpal chauhan

Published: 03 Mar 2019, 03:00 AM IST

ग्वालियर। शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस जितनी फिक्र करती दिखती है वह सिर्फ जुबानी है। असल में पुलिस की मिलीभगत से ही शहर में कई जगह जाम की स्थिति निर्मित होती है। हम बात कर रहे है इंदरगंज थाना क्षेत्र की अचलेश्वर वाली रोड का। इस रोड पर अधिकांश खान-पान की दुकानें है। करीब 60 फुट चौड़ी सड़क के एक तरफ दुकानों के आगे दुकानदारों का सामान और ग्राहकों के वाहन खड़े हो जाते है। दूसरे तरफ का हिस्सा चार पहिया वाहले वाहन घेर लेते है। इस कारण 40 फुट सडक घिर जाती है। केवल 20 फुट सड़क राहगीरों के लिए बचती है। इस कारण रोजाना शाम को जाम लगता है। इंदरगंज थाना महज 100 मीटर दूर है। लेकिन दुकानों के सामने होने वाला कब्जा पुलिस को दिखाई नहीं देता। या फिर यू कहे जानबुझकर पुलिसकर्मी आंख बंद कर लेते है।

अचलेश्वर रोड पर सनातन धर्म मंदिर चौराहा से ललितपुर कॉलोनी मोड तक करीब 150 मीटर का दायरे में करीब 25 से 30 दुकानें है। इनमें करीब 15 दुकानें खान-पान की है। इन दुकानों पर ही सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इन दुकानों पर आने वाले ग्राहक अपन वाहन दुकान के सामने ही सड़क पर खड़े कर देते है। दुकानदार भी ग्राहकी के चलते उन्हें मना नहीं करते। इतना ही नहीं सड़क के दूसरी तरफ खड़े वाहनों पर उनके कर्मचारी खान-पान की चीजे सप्लाई करने भी जाते है। इस कारण रोजाना शाम को स्थिति बिगड़ी रहती है।

5 घंटे हो जाती है व्यवस्था भंग

इस सड़क पर 5 घंटे स्थिति सबसे ज्यादा खराब रहती है। शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक कई बार जाम लगता है। जाम खुलवाने के लिए कई बार पुलिसकर्मी भी मौजूद रहते है। लेकिन दुकानदारों को कोई नहीं टोकता। जिनकी वजह से यह जाम की स्थिति बनती है।

हर दीपावाली पर बढ़ जाते है रेट

एक दुकानदार ने दबी जुबान में बताया हर महीने पुलिस को भेट चढ़ानी पढ़ती है। एक दुकानदार को 2 से 3 हजार रुपए हर महीने देने होते है। न देने पर पुलिस दुकान पर आकर उन्हें और ग्राहकों को परेशान करती है। यह रेट हर साल दीपावली पर बढ़ भी जाते है। अधिकतर खान-पान की दुकानवाले ही यह पैसे देते है। इसके अलावा कई पुलिस वाले मुफ्त में आकर पावभाजी और ढ़ोसा भी खाने आते है।

यह है समाधान

-इस रोड पर जो वाहन खड़े होते है उनके लिए अलग से पार्किग की व्यवस्था की जाए

-दुकानदारों को समझाइश दी जाए कि दुकानों के सामने सड़क पर वाहन खड़े न होने दे

-दुकानों के आगे दुकानदार जो अतिक्रमण कर लेते है उसे हटवाया जाए

-पुलिस को चाहिए कि निरंतर निगरानी रखे अगर दुकानदार नहीं माने तो उन पर कार्रवाई की जाए, सड़क पर वाहन खड़े होने पर चालान किए जाए।

अलग से पार्किग की व्यवथा हो

मैं रोजाना तीन-चार बार यहां से निकालता हूं। शाम के वक्त यहां रोजाना जाम लग रहता है। पुलिस प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। वाहनों के लिए अलग से एक पार्किग की व्यवस्था करनी चाहिए प्रमादे पांडेय, स्थानीय नागरिक

पुलिस को ध्यान देना चाहिए

मैं अक्सर इस सड़क से निकलता हूं। दुकानों के सामने आधी सड़क घेरे वाहन खड़े हो जाते है। इस कारण जाम की स्थिति बनती है। दोनो तरफ से वाहन आते है तो फंस जाते है। ट्रेफिक पुलिस को इस ओर ध्यान देना चाहिए। चेतन मंडलोई, वाहन चालक

पुलिस पैसे वसूल करती इसलिए नहीं होती कार्रवाई

दुकानदारों से पुलिस हर महीने पैसे वसूल करती है। इसलिए इन दुकानदारों पर कार्रवाई नहीं करती। यातायात व्यवथा बिगड़ या कोई हादसा हो उन्हें कोई मतलब नहीं रहता। बस उनकी जेबे गर्म होनी चाहिए।

जगदीश गोस्वामी, समाजसेवी

दुकानदारों को होगे नोटिस जारी

कुछ दुकानदारों को नोटिस जारी किए जाएगे। इसके अलावा जो वाहन खड़े हो रहे है उनकी वीडियो बनाकर उनके ई चालान बनाकर उनके घर भेजे जाएगे। हमारा उद्देश्य है कि यातायात व्यवस्था

नरेश अन्नोटिया, डीएसपी ट्रेफिक

Harpal chauhan Reporting
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