देश के इस मंदिर में यहां बिन राधा के पूजे जाते है भगवान श्री कृष्ण

देश के इस मंदिर में यहां बिन राधा के पूजे जाते है भगवान श्री कृष्ण
देश के इस मंदिर में यहां बिन राधा के पूजे जाते है भगवान श्री कृष्ण

Gaurav Sen | Updated: 23 Aug 2019, 04:46:17 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

पाटनकर बाजार स्थित श्रीकृष्ण मंदिर महानुभाव आश्रम के अनुयायी हैं शहर में 450 परिवार

ग्वालियर राधा और श्रीकृष्ण एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं। पर शहर में एक मंदिर ऐसा भी है जहां भगवान श्रीकृष्ण के साथ राधाजी की पूजा नहीं की जाती। इस मंदिर में भगवान कृष्ण के साथ राधा की प्रतिमा भी नहीं है और उनका पूजन भी नहीं किया जाता। पाटनकर बाजार स्थित श्रीकृष्ण मंदिर महानुभाव आश्रम में महानुभाव जय श्रीकृष्ण पंथ अनुयायी भगवान श्री$कृष्ण के साथ राधा जी की पूजा-अर्चना नहीं करते हैं। उनका मानना है कि राधा भगवान कृष्ण की भक्त थीं और कृष्ण परमेश्वर हैं, इसलिए वह राधा की पूजा नहीं करते। ये लोग सिर्फ उन्हीं की आराधना करते हैं जिन्हें भगवान ने स्पर्श किया था। इस मंदिर से अलग-अलग जाति के करीब 450 परिवार जुड़े हैं, जो इस पंथ को मानते भी हैं।

ये होंगे कार्यक्रम
जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर पर 23 अगस्त को सुबह 6 बजे प्रभात फेरी निकाली जाएगी। सुबह 11 बजे श्रीकृष्ण का अभिषेक और रात 8 से भजन संध्या के बाद रात 12 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

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गोवर्धन के चार पत्थर पूजते हैं
मंदिर के ट्रस्टी लक्ष्मण शिवहरे के मुताबिक मंदिर 1947 के बाद बनाया गया था और भगवान कृष्ण की काले रंग की प्रतिमा महाराष्ट्र से लाई गई थी। महाराष्ट्र में इस संप्रदाय को मानने वाले अधिक लोग हैं। महानुभाव श्री जयकृष्ण मंदिर में गोवर्धन पर्वत से लाए गए चार पत्थर भी रखे हुए हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु इनकी पूजा-अर्चना भी करते हैं।

द्वारकाधीश मंदिर
124 वर्ष प्राचीन मंदिर में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन किया जाएगा। श्निवार को सुबह 4 बजे से 6 बजे तक अभिषेक होगा। सुबह 8 बजे आरती के प्रसादी वितरण होगा। कलाकारों द्वारा फूल बंग्ला और आकर्षक लाइटिंग लगाई जाएगी। रात 11 बजे कृष्ण जन्म केलिए मंदिर के पट बंद कर रात 12 बजे महा आरती के बाद रात्रि 1 बजे तक के लिए खुले रहेंगे।

श्रीनाथ की हवेली में जन्माष्टमी कल
सराफा बाजार स्थित श्रीनाथ की हवेली मंदिर में सुबह 7 बजे ठाकुर जी को पंचामृत से स्नान कराएंगे। 24 अगस्त को दोपहर 12 बजे ठाकुर जी का शृंगार में तिलक आरती, और बधाई गान के साथ गऊदान किया जाएगा। ठाकुर जी को प्रतिदिन अलग-अल वस्त्रों से सजाया जाता है। ठाकुर जी की हवेली में कृष्ण जन्म के पहले ही मनाया जाता है छटी पूजन। 25 अगस्त को मंदिर परिसर में बच्चे कृष्ण,राधा, मनसुखा बनकर झांकी के रूप में सजकर आएगें। शनिवार को महिलाओं और बच्चों द्वारा मटकी फोड़ प्रतियोगिता होगी इस अवसर पर बच्चों को पुरूस्कार दिए जाएगें।

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