बचपन में शौक के तौर पर शुरू किया खेल, अब बना लिया लक्ष्य

मेरी मम्मी (प्रीति गुर्जर) को खेलों से बहुत लगाव है वह चाहती थीं कि मैं किसी ऐसे खेल से जुड़ूं जो आत्म रक्षा के साथ-साथ नाम भी रोशन करे तब मैंने सात साल पूर्व हॉकी स्टेडियम कंपू की कोच माया परमार से कराते सीखना शुरू किया। मुझे नहीं पता था मैं यहां तक पहुंच पाऊंगी।

मेरी मम्मी (प्रीति गुर्जर) को खेलों से बहुत लगाव है वह चाहती थीं कि मैं किसी ऐसे खेल से जुड़ूं जो आत्म रक्षा के साथ-साथ नाम भी रोशन करे तब मैंने सात साल पूर्व हॉकी स्टेडियम कंपू की कोच माया परमार से कराते सीखना शुरू किया। मुझे नहीं पता था मैं यहां तक पहुंच पाऊंगी। अब मेरा लक्ष्य ओलिंपिक में भारत के लिए खेलना है। यह कहना है गैंडे वाली सड़क निवासी हनी गुर्जर का।

मम्मी का विशेष सहयोग मिला
केआरजी से बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हनी ने बताया कि हाल ही में 8 से 10 जनवरी तक चेन्नई में हुई नेशनल कॉम्पटीशन में मैंने ब्रांज मेडल जीता है। जल्द ही अब दोबारा नेशनल खेलने जाने वाली हूं। हनी कहती हैं कि गुर्जर समाज में लड़कियों पर कुछ बंदिशेंं रहती हैं लेकिन मेरे परिवार का खासकर मम्मी का विशेष सहयोग है। हनी ने अभी तक जिला और राज्य स्तर पर 11 गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रांज मेडल जीते हैं।

ये हैं उपलब्धियां
- 2017,18 और 19 में डिस्ट्रिक्ट कराते चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल।
- 2018 और 19 स्टेट कराते चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल।
- 2020 स्टेट कॉम्पटीशन में गोल्ड।
- 2020 चेन्नई में नेशनल कॉम्पटीशन में ब्रांज मेडल।

राजेंद्र ठाकुर Desk
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