नाटक ‘सुल्तान’ का मंचन

नाटक ‘सुल्तान’ में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के नाटक एवं रंगमंच संकाय के छात्र-छात्राओं ने प्ले किया।

By: Avdhesh Shrivastava

Updated: 05 May 2019, 07:18 PM IST

ग्वालियर. जीवन में सबसे बड़ा धन मन की शांति है। पैसा कितना भी हो, यदि उसके पास शांति नहीं है, तो वह व्यक्ति जीवनभर परेशान रहता है। कुछ एेसा ही घटनाक्रम दिखाया गया नाटक ‘सुल्तान’ में, जिसे राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के नाटक एवं रंगमंच संकाय के छात्र-छात्राओं ने प्ले किया। इस नाटक का लेखन महेश लकुंचवार ने किया है और निर्देशन अप्रतिम मिश्रा, अभितोष सिंह राजपूत का है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नाटक एवं रंगमंच संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु द्विवेदी उपस्थित रहे।
ये है कहानी : इस नाटक में राजशेखर एक अमीर आदमी है, जिसके पास किसी भी चीज की कमी नही है। कमी है सिर्फ शांति की। वो नशीली दवा का सेवन करता है, जिससे उसे नींद आ सके। इसके लिए उसने डॉक्टर को खरीद रखा है, जिस कारण डॉक्टर भी उसकी हां में हां मिलाता है और उसके कहे अनुसार ही कार्य करता है। शांति पाने के लिए स्वामी जी को भी रखे हुए है। स्वामी जी आश्रम के लिए दान लेने के लिए राजशेखर के पास आते रहते है। राजेशखर की एक प्रेमिका है, जो उसके घर में आती जाती है। राजशेखर के अंदर ही एक सुल्तान नाम का जानवर होता है। राजशेखर के पास सब कुछ होने के बाद भी शांति नही थी।
इन्होंने किया अभिनय : राजशेखर- अमिताभ पांडे, डॉक्टर- प्रांजल पटैरिया, स्वामी- हिमांशु झा, ज्यूली- पूनम राणा।

Avdhesh Shrivastava
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