यहां दोगुना पैसे दो और बिना वेरीफिकेशन के ले जाओ स्टाम्प

पैसों के लालच में स्टाम्प बेंडर नहीं करते दस्तावेजों की जांच

By: monu sahu

Published: 25 Apr 2018, 05:30 PM IST

ग्वालियर। गोरखी कार्यालय में स्टाम्प की कालाबाजारी पर रोक नहीं लग पा रही है। कार्यालय परिसर में बैठे स्टाम्प बेंडरों द्वारा मैन्यूअल स्टाम्प में निर्धारित कीमत से दोगुना पैसे लेकर किसी भी व्यक्ति को स्टाम्प थमाए जा रहे हैं। दोगुने पैसों के लालच में स्टाम्प बेंडरों द्वारा दस्तावेजों का वेरीफिकेशन करने की जहमत तक नहीं उठाई जाती है। इस बात का खुलासा एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा गोरखी कार्यालय में एक स्टाम्प बेंडर को मृतक मदनलाल का वोटर कार्ड दिखाकर स्टाम्प पेपर खरीदकर स्टिंग कर किया। (पत्रिका के पास इसके ऑडीओ और वीडियो भी उपलब्ध हैं।

 

शासकीय कार्यालय के परिसरों में बैठे स्टाम्प बेंडरों ही काफी समय से स्टाम्प पेपर की कालाबाजारी की जा रही है। जिसका खमियाजा लोगों को अधिक पैसे देकर भुगतना पड़ता है। जिसको लेकर शासन द्वारा स्टाम्प की कालाबाजारी को रोके जाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया भी की गई है। साथ ही मैन्यूअल स्टाम्प भी कार्यालय से बेचे जा रहे हैं। मैन्यूअल स्टाम्प बेंडरों द्वारा खुलेआम स्टाम्प बेचे जा रहे हैं।

 

एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा बुधवार को गोरखी कार्यालय में स्टाम्प पेपर की खरीददारी के संबंध में जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि परिसर में टीन शेड के नीचे बैठे स्टाम्प बेंडर द्वारा पहले तो कई प्रकार के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि हमारे पास स्टाम्प नहीं रहते हैं, हमें कार्यालय में बैठे बाबूओं से मंगवाने पड़ते हैं। लेकिन कुछ देर बाद ५० रुपए का स्टाम्प देने के लिए १०० रुपए मांगे तो रिपोर्टर द्वारा जैसे ही दो स्टाम्प के लिए २०० रुपए दिए तो बेंंडर ने तत्काल काउंटर के अंदर से स्टाम्प निकालकर दे दिए और उसकी एंट्री एक रजिस्टर में कर ली।

 


कमाई के लिए १० और २० का देने से कर देते हैं मना
गोरखी कार्यालय में १० और २० रुपए के स्टाम्प कम ही दिए जाते हैं, क्योकि इनमें स्टाम्प बेंडरों की ज्यादा कमाई नहीं हो पाती है। इसलिए स्टाम्प बेंडरों द्वारा ५० और १०० रुपए के ही स्टाम्प पेपर दिए जाते हैं। ५० रुपए का स्टाम्प लेने के लिए बेंडर द्वारा १०० रुपए और १०० रुपए के स्टाम्प पेपर लेने के लिए २०० रुपए लिए जा रहे हैं। इस तरह से पूरे दिन भर ही कार्यालय परिसर में स्टाम्प पेपर की कालाबजारी की जाती है। अहम बात तो यह है कि कार्यालय परिसर में ही कई प्रशासनिक अधिकारियों के चैंबर बने हुए हैं, जिन्हें कई लोगों द्वारा स्टाम्प पेपर की कालाबाजारी के संबंध में शिकायत भी की गई, लेकिन उनके द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।

stamp defalcation

स्टाम्प बेंडर अंकितसिंह से रिपोर्टर की बातचीत
रिपोर्टर- स्टाम्प पेपर मिल जाएंगे क्या?
बेंडर- मिल तो जाएंगे, लेकिन तुम्हें किस काम के लिए चाहिए।
रिपोर्टर- मुझे अपने भतीजे का जन्म प्रमाण पत्र और दादा जी का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हैं?
बेंडर- दोनों के लिए अलग-अलग स्टाम्प पेपर लगाने होंगे, वोटर कार्ड या आधार कार्ड दो, मैं मंगवाता हूं।
रिपोर्टर- मैं अपनी आइडी तो नहीं लाया हूं, लेकिन मेरे भाई का वोटर कार्ड है और उनके बेटे का ही जन्म प्रमाण पत्र बनवाना हैं, दे दोगे क्या?


बेंडर- वैसे तो जो व्यक्ति स्टाम्प लेने के लिए आता है तो उसी की आइडी पर ही स्टाम्प दिया जाता है, लेकिन हम दिलवा देंगे, इसके लिए स्टाम्प की कीमत से ज्यादा पैसे देने होंगे तभी मिल पाएंगे।
रिपोर्टर- कितने पैसे का स्टाम्प लगाना होगा और कितने अतिरिक्त पैसे देने होंगे?


बेंडर- जन्म प्रमाण पत्र के लिए वैसे तो १० या २० का स्टाम्प काम आ जाता है, लेकिन १० और २० के स्टाम्प अभी नहीं है इसलिए कम से कम ५० रुपए का स्टाम्प तो लगाना होगा, इसके लिए १०० रुपए देने होंगे।
रिपोर्टर- स्टाम्प ५० का है तो फिर १०० रुपए क्यों ले रहे हो?
बेंडर- अकेले हम ही पैसे नहीं लेते हैं, हमें ट्रेजरी कार्यालय में बैैठे बाबूओं को भी पैसे देने पड़ते हैं, तभी तो हमें आसानी से स्टाम्प मिल पाते हैं।

stamp defalcation

"इस्टाम्प पर ही केबल 5 रुपए अतिरिक्त लिए जा सकते हैं, मैन्यूअल स्टाम्प को अधिक कीमत से नहीं बेचा जा सकता है। आपके द्वारा मैन्यूअल स्टाम्प के एवज में अतिरिक्त पैसे लिए जाने की बात बताई जा रही है तो शीघ्र ही इस मामले में संबंधित स्टाम्प बेंडर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
डीके गौतम, जिला पंजीयक

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