भिक्षावृत्ति और नशा शहर पर कलंक....

शहर में भिक्षा मांगने वाले और नशा करने वाले छोटे बच्चों के स्टेशन एरिया में देखा जा सकता है। ये बच्चे ज्यादा नशे के लिए सड़क पर भीख मांगते हैं। इनके उत्थान के लिए प्रशासन को कोई ठोस कार्रवाई करना चाहिेए

ग्वालियर. शहर में 14 साल के कम उम्र के बच्चे आसानी से नशा करते हुए दिखाई दे जाएंगे। विभिन्न चौराहों पर इन्हें भिक्षावृत्ति में भी लिप्त देखा जा सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग के अधिकारी इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते हैं, जबकि शासन के साफ निर्देश हैं कि बाल भिक्षावृत्ति और नशे को रोकने के लिए कारगर उपाय किए जाएं, लेकिन शहर में जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। इसको लेकर पत्रिका एक्सपोज ने सामाजिक न्याय विभाग के जेडी एवं महिला बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह से बात की।

शहर में खुलेआम बाल भिक्षावृत्ति कर रहे हैं, इसको लेकर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती ?
समय-समय पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है।

इसको लेकर कोई सर्वे किया गया है?
- हां, सर्वे हुआ है गत वर्ष 168 बच्चे इस तरह के मिले थे जो कि भिक्षावृत्ति और नशे में लिप्त थे। इनमें से काफी बच्चों को हम संप्रेशण गृह लेकर आए थे, लेकिन बाद में जनसुनवाई में इनके परिजन आवेदन देकर इन्हें छुड़ा ले गए थे।

स्टेशन के आसपास बच्चे नशा कर रहे हैं, इसको लेकर क्या कार्रवाई की गई?
- यह बात सही है कि बच्चे नशा करते हैं, हमें सूचना मिलती है तो इन्हें लेकर नशामुक्ति केन्द्र में जाते हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन कई लोगों को नहीं मिल रही है?
- पेंशन की राशि रुकी थी, लेकिन अब सभी को रिलीज कर दी गई है।
नशामुक्ति केन्द्र में कई बार लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार की शिकायत मिलती हैं, इसको लेकर विभाग क्या कार्रवाई कर रहा है?
- जब कोई शिकायत मिलती है तो हम कार्रवाई करते हैं। वैसे सामाजिक न्याय विभाग द्वारा कोई नशामुक्ति केन्द्र संचालित नहीं किया जा रहा है।

Show More
राजेश श्रीवास्तव
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned