छात्रों का परखा जाएगा आईक्यू

उच्चशिक्षा विभाग इस सत्र 2016-17 से कॉलेजों में संचालित यूजी और पीजी कोर्सों में एडमिशन कराने के लिए बेहद गंभीर है। अधिकारियों ने सभी जिलों के डीईओ को पत्र लिखकर हायर सेकंडरी स्कूल प्राचार्यों से 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों की लिस्ट मांगी है।

ग्वालियर। उच्चशिक्षा विभाग इस सत्र 2016-17 से कॉलेजों में संचालित यूजी और पीजी कोर्सों में एडमिशन कराने के लिए बेहद गंभीर है। अधिकारियों ने सभी जिलों के डीईओ को पत्र लिखकर हायर सेकंडरी स्कूल प्राचार्यों से 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों की लिस्ट मांगी है। परीक्षा परिणाम के बाद इन छात्रों को संबंधित स्कूलों में बुलाकर विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से छात्रों का संबंधित विषय में आईक्यू परखा जाएगा। उन्हें कॉलेज स्तर पर कौन का विषय सिलेक्ट करना है, इसके बारे में जानकारी दी जाएगी।
दरअसल उच्चशिक्षा विभाग ने करीब पांच माह पूर्व एक सर्वे कराया था, जिसमें पता लगा था कि 12वीं के बाद करीब 40 प्रतिशत से अधिक छात्र दूसरे छात्रों को देखकर अपने विषय का चयन करते हैं। जिसके परिणाम स्वरूप वे बाद में पिछड़ जाते हैं। लगातार फेल होने के कारण या तो वे सब्जेक्ट बदल देते हैं, या फिर पढ़ाई से तौबा कर लेते हैं। हालांकि विभाग के पास इसका कोई तय आंकड़ा अभी तक उपलब्ध नहीं है। फिर भी विभाग चाहता है कि छात्र सही सब्जेक्ट चयन करें और अपनी पढ़ाई पूरी करें। इससे छात्र अपनी डिग्री आसानी से पूरी करेगा वहीं कॉलेजों में खाली पड़ी सीटें भी भरेंगी।
मंत्री की फटकार के बाद आए हरकत में
 पिछले महीने उच्चशिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता की फटकार के  बाद उच्चशिक्षा विभाग के अधिकारी एडमिशन के मामले में हरकत में आ गए हैं। गुप्ता के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में कोई भी छात्र कॉलेजों में पैसे के अभाव में शिक्षा से  वंचित नहीं होना चाहिए।  उनका कहना है कि जब शासन गरीब छात्रों को स्कॉलरशिप दे रहा है तो छात्रों तक उसका लाभ पहुंचना चाहिए।  
monu sahu
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned