ऐसे पहचाना गया शातिर ठग, पुलिस घर पहुंची तो मिला खाली, गांव के लोग रहते हैं निशाने पर

पुलिस ने उसके फोटो वायरल किए तो उन लोगों ने उसे पहचान लिया, जिन्हें वह पहले ठग चुका है

By: Rahul rai

Published: 04 Apr 2019, 01:48 AM IST

ग्वालियर। हाईअलर्ट में मंगलवार दोपहर गुना से इलाज कराने आई महिला के जीजा से 80 हजार रुपए ठगकर भागे अशोक भदौरिया की पहचान हो गई है। पुलिस ने उसके फोटो वायरल किए तो उन लोगों ने उसे पहचान लिया, जिन्हें वह पहले ठग चुका है। उन्होंने बताया कि अशोक उर्फ देवेश पुत्र राजेन्द्र भदौरिया निवासी चौमो, भिण्ड का रहने वाला है।

 

उसे पकडऩे के लिए गोला का मंदिर पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच को भी टास्क दिया गया है। दो साल पहले उसे इंदरगंज पुलिस ने पकड़ा था, इसलिए वहां उसका रेकॉर्ड है, जिसे पढकऱ पुलिस चार शहर का नाका पर उसके ठिकाने पर पहुंच गई। जिस मकान में वह रहता था, उसका दरवाजा खटखटाया तो पता चला कि वह मकान खाली कर चुका है। उसका नया ठिकाना मोहल्ले में किसी को नहीं मालूम है।

 

अशोक ने मंगलवार को बृजभान सिंह यादव से 80 हजार रुपए ठगे थे। बृजभान ***** भूरिया निवासी गुना का इलाज कराने के लिए गोला का मंदिर पर निजी अस्पताल में आया था। अशोक उसे अस्पताल के गेट पर मिला था और इलाज के एवज में सरकारी रियायत दिलाने का भरोसा दिलाकर उससे 80 हजार रुपए लेकर भाग गया था। अस्पताल के पास सीसीटीवी कैमरे लगे थे, उनके फुटेज में ठग अशोक अपने स्कूटर पर बृजभान को ले जाता दिखा है। उसका काम अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले देहाती मरीजों को टागरेट कर उनके अटेंडर को ठगना है।

 

दो साल पहले भी बृजभान नाम के व्यक्ति को ठगा
अशोक ने दो साल पहले भी बृजभान नाम के व्यक्ति को ठगा था और इस बार भी और ठगी का तरीका भी दोनों बार एक सा था। इंदरगंज पुलिस ने दो साल पहले 11 अक्टूबर को दबोह निवासी बृजभान सिंह कुशवाह से 16 हजार रुपए ठगने पर पकड़ा था। वह भाई के इलाज के लिए जेएएच में आए थे। उन्हें भी ठग ने सरकारी योजना के तहत मुफ्त में इलाज के अलावा दवाएं और पैसा मिलने का लालच देकर फंसाया था। बृजभान को कटोराताल से ठग अशोक अपने स्कूटर पर बैठाकर ओल्ड हाईकोर्ट तक लाया, फिर उन्हें सरकारी योजना का फॉर्म लेने के बहाने मैनावाली गली में भेजा था, उससे पहले बृजभान की जेब में रखे 16 हजार रुपए ले लिए थे। उनसे कहा था कि फॉर्म ले आओ पैसा लेकर वह बाहर खड़ा है। वह वापस आए तो ठग गायब हो चुका था। इस वारदात के बाद इंदरगंज पुलिस ने उसे पकड़ा था, तब उसने उसने मुरैना, जीआरपी, कोतवाली, पड़ाव और इंदरगंज में सस्ते इलाज का लालच देकर ठगी की वारदातों का खुलासा किया था।

 

पहचान छिपाने बदला स्कूटर का रंग
मंगलवार को भी ठग ने बृजभान नाम के अटेंडर को टारगेट किया था। वारदात के कुछ देर बाद ही फुटेज से उसकी पहचान हो गई तो पुलिस उसके पीछे लग गई। पुलिस का कहना है कि दो साल पहले ठग लाल रंग के स्कूटर से वारदात करता था। पहचान छिपाने के लिए उसने स्कूटर का रंग बदल लिया है।

 

इस तरह करता है वारदातें
-ठग अशोक का सरकारी, निजी अस्पताल या उनके पास दवाइयों की दुकान पर उठना बैठना है। यहां से उन मरीजों का पता लगाता है, जो देहात से इलाज के लिए आते हैं, उन पर फोकस करता है।
- उनके बारे में जानकारी जुटाता है, फिर उनके अटेंडर से संपर्क करता है।
- मरीज की बीमारी के बारे में अटेंडर से बात करता है।
- भरोसे में लेकर इलाज में सरकारी योजना का फायदा दिलाने के बहाने पैसे ऐंठता है।

 

राउंड नेक टी शर्ट, बीमारी का हवाला
पुलिस के मुताबिक ठग अशोक ज्यादातर राउंड नेक की टीशर्ट पहनता है। पिछली बार पकड़ा गया था तो उसने पेट के ऑपरेशन का हवाला देकर पूछताछ से बचने की कोशिश की थी। उसकी हालत देखकर पुलिस ज्यादा सख्ती नहीं कर पाई थी। उसने खुलासा किया था ठगी उसका धंधा है।

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