बढ़ते तनाव से बढ़ रहे हैं खुदकुशी के मामले

सुसाइड पर कंट्रोल के लिए पुलिस, सामाजिक संस्थाएं तमाम कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन आत्महत्या के ग्राफ पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। पुलिस रेकार्ड में पिछले 11 दिन में पांच लोग सुसाइड कर चुके हैं। इनमें नादान से लेकर उम्रदराज तक शामिल हैं।

ग्वालियर. सुसाइड पर कंट्रोल के लिए पुलिस, सामाजिक संस्थाएं तमाम कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन आत्महत्या के ग्राफ पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। पुलिस रेकार्ड में पिछले 11 दिन में पांच लोग सुसाइड कर चुके हैं। इनमें नादान से लेकर उम्रदराज तक शामिल हैं। ज्यादातर आत्महत्याओं में पुलिस की विवेचना भी शून्य रहती है। किन कारणों से लोगों ने सुसाइड किया है सही वजह सामने नहीं आ पाई है। जिन घटनाओं में सुसाइड नोट मिले हैं उनमें भी लंबी जांच के बाद संदेही पर शिंकजा कम ही कसा जा सका है।
पुलिस अधिकारी कहते हैं कि सुसाइड के ज्यादातर केस डिप्रेशन की वजह से होते हैं। इन पर कंट्रोल तब हो सकता है जब सुसाइड करने वालों के नजदीकी उनकी स्थिति को गंभीरता से समझें। अगर आशंका होती है कि घर का सदस्य उदासीन है तो उस पर नजर रखें तुरंत मनोचिकित्सक से संपर्क कर पीडि़त की स्थिति बताएं, लेकिन ज्यादातर घटनाओं में ऐसा नहीं होता। लोग ध्यान नहीं देते कि परिवार का सदस्य रोज की तरह नही है। उसकी मायूसी को नजरअंदाज करते हैं। जब वह घातक कदम उठा लेता है तब हादसे का पता चलता है। पिछले 11 दिनों में पांच लोगों ने सुसाइड किया है इनमें 10वीं के छात्र सहित चार लोगों ने फांसी लगाई है। सुसाइड के कारण विवेचना में है, लेकिन शुरुआती तफ्तीश में ज्यादातर मामलों में मायूसी ही कारण है। सुसाइड की इन घटनाओं में झांसी के ब्रश कारोबारी प्रतीक अग्रवाल की सुसाइड के पीछे पारिवारिक विवाद वजह हो सकती है। प्रतीक ने मौत से पहले सुसाइड नोट में भी ताऊ के बेटे गौरव अग्रवाल को मौत का जिम्मेदार बताया है। इसलिए यहां पुलिस की विवेचना इस एंगल पर होगी।

इन्होंने किया सुसाइड
01 सितंबर- हजीरा पर गुड्डू यादव ने फांसी लगाई, गल्ला कोठार में 10वीं के छात्र मनीष का शव फांसी पर लटका मिला।
02 सितंबर- गुढ़ा में भगवान सिंह कुशवाह ने फांसी लगाकर सुसाइड किया। भगवान सिंह नशे के आदी थे। आशंका है कि नशे के सुरुर में कोई बात दिल पर बैठ गई उसके चलते फांसी लगाई।
05- थाटीपुर में दिव्यांग रवि जाटव ने घर के सामने शौचालय में जाकर फांसी लगाई। रवि शारीरिक और आर्थिक परेशानी से मायूस रहता था।
10 सितंबर- झांसी के ब्रश कारोबारी प्रतीक अग्रवाल ने होटल मेस्कॉट में आकर जहर खाया। बिस्तर पर शव पड़ा मिला।

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राजेश श्रीवास्तव
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