NRC से लौटे बच्चे को फिर हुई टीबी, अब पटवारी देंगे हर दिन रिपोर्ट

NRC से लौटे बच्चे को फिर हुई टीबी, अब पटवारी देंगे हर दिन रिपोर्ट
TB found in Malnutrition affected child in gwalior

Dharmendra Kumar Trivedi | Updated: 12 Oct 2019, 07:59:23 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

-माता-पिता द्वारा हॉस्पिटल से बच्चे की दवा न लाये जाने को बताया गया कारण

ग्वालियर। जिस बच्चे को कुछ समय पहले बीमार और कमजोर होने के कारण एनआरसी में भर्ती कराया गया था, बच्चे का स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उसको डिस्चार्ज कर दिया गया था। अब गुठीना गांव की आंगनवाड़ी केन्द्र पर दर्ज इस बच्चे को टीबी होने की बात सामने आई है।महिला बाल विकास की पर्यवेक्षकों ने बच्चे को टीबी होने की वजह माता-पिता द्वारा हॉस्पिटल से दवा न लाना बताया है।

इसके साथ ही सुमेरपाड़ा और जलालपुर में 1-1 बच्चे की स्थिति सही न होने के कारण एनआरसी में भर्ती कराने की सलाह दी गई है, इस पर बच्चे के माता-पिता ने दीवाली बाद इलाज के लिये ले जाने की सहमति जताई है। अब इन सभी जगहों पर महिला बाल विकास के सुपरवाइजर, कार्यकर्ता और सहायिकाओं की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिये क्षेत्रीय पटवारियों को निर्देश दिये गए हैं। पटवारी नियमित रूप से एसडीएम को रिपोर्ट देकर वास्तविक स्थिति से अवगत करायेंगे।

दरअसल, मुरार के सीमांत और आंतरिक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कुपोषण पर लगाम लगाने के लिये एसडीएम जयति सिंह ने प्लानिंग तैयार की है। इस प्लानिंग के अंतर्गत सबसे पहले मजदूर और आदिवासी बस्तियों पर निगाह रखना शुरू किया गया है। इन सभी जगहों बच्चों, माताओं, किशोरी बालिकाओं की मार्र्किंग करके पूरा डेटा इक_ा किया जाएगा। इस डेटा के आधार पर प्रत्येक के वजन और स्वास्थ्य की मैपिंग की जाएगी। इसके बाद जिनको सबसे पहले जरूरत है, उनको इलाज और पोषण आहार पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। इसके साथ ही कम और अति कम वजन के बच्चों को एनआरसी केन्द्र में भर्ती कराने के लिये भी माता-पिता को जागरुक किया जाएगा। इस प्लानिंग के अंतर्गत शनिवार को एसडीएम ने दल बनाकर पर्यवेक्षकों को भेजा था और सभी को स्पॉट रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिये थे।

इस तरह बने थे दल
-सुबह के समय अचानक क्षेत्र की 30 आंगनवाडिय़ों की स्थिति परखने का निर्णय लिया गया।
-इन केन्द्रों का निरीक्षण करने के लिये दूसरे क्षेत्र की सुपरवाइजर्स को जिम्मेदारी दी गई थी।
-एक साथ दलों को रवाना किया गया, इस दौरान सभी ने बताया कि केन्द्र खुले मिले हैं।
-प्रत्येक केन्द्र पर बच्चों की उपस्थित का औसत 15 से 20 सामने आया है।
-निरीक्षण के समय केन्द्रों पर नाश्ता और भोजन दिया जा रहा था।

-क्षेत्र के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर हमारा फोकस है, खासकर कुपोषण से बच्चों को निजात दिलाने के लिये प्रयास कर रहे हैं। इसी के अंतर्गत एक सुपरवाइजर के क्षेत्र में दूसरे सुपरवाइजर को भेजा गया था, ताकि क्रॉस चेक हो सके। एनआरसी से डिस्चार्ज होकर घर आये एक बच्चे को टीबी की शिकायत सामने आई है। इसके माता पिता नियमित दवा नहीं लाते थे। दो बच्चों को एनआसी में भर्ती कराने की जरूरत है, इनके माता-पिता ने दीवाली बाद भर्ती कराने के लिये कहा है। निरीक्षण के दौरान केन्द्र खुले मिले हैं और प्रत्येक केन्द्र पर औसतन 15 से 20 बच्चे मिले हैं।
जयति सिंह, एसडीएम-मुरार

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